NEET-पीजी 2025 के थर्ड राउंड काउंसलिंग में कट-ऑफ में भारी कमी, आरक्षित वर्गों के लिए शून्य परसेंटाइल

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नई दिल्ली, 15 जनवरी 2026: राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड इन मेडिकल साइंसेज ने NEET-पीजी 2025 की थर्ड राउंड काउंसलिंग के लिए क्वालीफाइंग परसेंटाइल कट-ऑफ में अभूतपूर्व कमी की है। स्वास्थ्य मंत्रालय के 9 जनवरी 2026 के निर्देश पर 13 जनवरी को जारी नोटिस में यह बदलाव किया गया, क्योंकि पहले दो राउंड्स के बाद देशभर में 18,000 से अधिक पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटें खाली रह गईं।

जनरल/ईडब्ल्यूएस के लिए 50वें से घटाकर 7वां परसेंटाइल यानी लगभग 103 अंक 800 में से, जनरल पीडब्ल्यूबीडी के लिए 5वां परसेंटाइल लगभग 90 अंक, जबकि एससी/एसटी/ओबीसी के लिए 0 परसेंटाइल मतलब 40 अंक तक कर दिए गए हैं।

एनबीईएमएस ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव केवल काउंसलिंग में भाग लेने की पात्रता के लिए है। मूल रैंक और मेरिट लिस्ट में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। एडमिशन रैंक-आधारित और चॉइस फिलिंग पर ही होगा।

फैसले का उद्देश्य सीटों का इष्टतम उपयोग और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी दूर करना बताया जा रहा है। सभी उम्मीदवार एमबीबीएस पास और इंटर्नशिप पूरा कर चुके हैं।

हालांकि, मेडिकल कम्युनिटी में भारी विरोध है। डॉक्टर्स और एसोसिएशंस इसे मेरिट का अपमान और मरीज सुरक्षा के लिए खतरा बता रहे हैं। कई ने नेगेटिव स्कोर वाले कैंडिडेट्स को क्लिनिकल ब्रांचेस में एडमिशन पर सवाल उठाए हैं।