रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
नई दिल्ली, 11 दिसंबर 2025: भारत के सबसे बड़े त्योहार दीपावली को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल कर लिया है। यह घोषणा दिल्ली में चल रहे यूनेस्को की अंतर-सरकारी समिति के 20वें सत्र में हुई। दीपावली अब योग, दुर्गा पूजा, कुंभ मेला और रामलीला के बाद भारत की 16वीं अमूर्त धरोहर बन गई है।
दीपावली प्रकाश का पर्व है, जो बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। यह त्योहार हिंदू, जैन और सिख समुदायों के साथ-साथ विश्व भर में लाखों लोग मनाते हैं। यूनेस्को ने इसे जीवंत परंपरा मानते हुए सामाजिक एकता, पारंपरिक कारीगरी, लैंगिक समानता और सतत विकास से जोड़ा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ऐतिहासिक बताया और कहा, “दीपावली हमारी सभ्यता की आत्मा है। यह प्रकाश और धर्म का प्रतीक है। यूनेस्को की यह मान्यता इसके वैश्विक महत्व को और बढ़ाएगी। प्रभु श्रीराम के आदर्श हमें सदा प्रेरित करते रहें।”
संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इसे भारत की सांस्कृतिक कूटनीति की बड़ी जीत बताया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या से जुड़े इस पर्व की विशेष महत्ता पर जोर दिया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी खुशी जताई।
दुनिया भर के भारतीय इस उपलब्धि पर गर्व और उत्साह व्यक्त कर रहे हैं। सरकार ने 10 दिसंबर को विशेष दीपोत्सव आयोजन की घोषणा भी की है।
यह मान्यता न केवल दीपावली की वैश्विक पहचान बढ़ाएगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भारतीय परंपराओं के संरक्षण में भी मदद करेगी।