झारखंड : 12 लाख मृत-गैरहाजिर मतदाताओं की पहचान, 1.61 करोड़ का पैतृक मैपिंग पूरा

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रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)

रांची, 3 दिसंबर। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत राज्य निर्वाचन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि वर्तमान मतदाता सूची के 1 करोड़ 61 लाख 55 हजार 740 मतदाताओं की 2003 की मूल मतदाता सूची से पैतृक मैपिंग पूरी कर ली गई है।

इस मैपिंग में करीब 12 लाख मतदाता गैरहाजिर, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट पाए गए हैं। इनमें बड़ी संख्या मृत मतदाताओं और स्थायी रूप से बाहर चले गए लोगों की है। बूथ लेवल अधिकारी ने घर-घर जाकर परिवार के सभी सदस्यों का सत्यापन किया और 2003 की सूची से मिलान किया।

यह पहली बार है जब झारखंड में राज्य-स्तरीय पैतृक मैपिंग की गई है। इसका मकसद मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध करना है ताकि आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में फर्जी वोटिंग की कोई गुंजाइश न रहे।

अब दूसरे चरण में 10 फरवरी 2026 तक इन 12 लाख संदिग्ध नामों को हटाने, नए नाम जोड़ने और सुधार की प्रक्रिया चलेगी। निर्वाचन आयोग ने 13 तरह के दस्तावेजों को मान्य किया है। 2003 की मूल सूची CEO झारखंड की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है, जहां कोई भी मतदाता अपना और अपने परिवार का नाम जांच सकता है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि यह अभियान मतदाता सूची की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को नई ऊंचाई देगा।