रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
नई दिल्ली, 2 दिसंबर 2025: केंद्र सरकार ने सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बन रहे नए प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर का नाम बदलकर आधिकारिक रूप से ‘सेवा तीर्थ’ कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आज इस नाम का अनावरण किया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “यह केवल नाम का बदलाव नहीं है, बल्कि सत्ता को सेवा का माध्यम बनाने की सोच का प्रतीक है। ‘सेवा तीर्थ’ का अर्थ है जनता की सेवा का पवित्र स्थल। हम औपनिवेशिक मानसिकता से पूरी तरह मुक्त होकर भारतीय मूल्यों पर आधारित शासन व्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं।”
इसके साथ ही सरकार ने औपनिवेशिक विरासत से जुड़े कई अन्य नामों में भी बदलाव किया है। देश के आठ राज्यों व एक केंद्रशासित प्रदेश में ‘राजभवन’ का नाम बदलकर ‘लोकभवन’ किया जा रहा है। केंद्रीय सचिवालय अब ‘कर्तव्य भवन’ कहलाएगा। पहले से लागू नाम परिवर्तन जैसे राजपथ से कर्तव्य पथ और रेस कोर्स रोड से लोक कल्याण मार्ग भी इसी कड़ी का हिस्सा हैं।
गृह मंत्रालय के अनुसार, ये बदलाव राज्यपाल सम्मेलन में हुई चर्चा के बाद लिए गए हैं। मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश जारी कर शीघ्र अमल करने को कहा है।
नए नामों की घोषणा के साथ ही सोशल मीडिया पर ‘#सेवातीर्थ’ ट्रेंड करने लगा। अधिकांश यूजर्स ने इसे स्वागतयोग्य कदम बताया, जबकि कुछ ने इसे प्रतीकात्मक परिवर्तन करार दिया।