रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
रांची, 02 दिसंबर: लंबे इंतजार के बाद झारखंड में नगर निकाय चुनाव की राह अब लगभग साफ हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी 48 नगर निकायों में वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया तेज कर दी है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाया जाएगा, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण के लिए हाल में कराया गया ट्रिपल टेस्ट सर्वे ही मान्य होगा।
जिलों में वार्डवार आरक्षण का प्रारंभिक प्रस्ताव तैयार करने का काम शुरू हो चुका है। धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग समेत कई जिलों में कमेटियां सक्रिय हैं। प्रस्ताव मिलने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग अंतिम सूची जारी करेगा। महिलाओं को सभी श्रेणियों में 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी।
चुनाव तैयारियां भी जोरों पर हैं। मतदान केंद्र, बैलेट बॉक्स, कर्मचारियों की तैनाती और मतगणना स्थलों का निरीक्षण पूरा हो चुका है। तीन दिसंबर को सभी जिलों में उपायुक्तों की अध्यक्षता में अहम बैठक होगी जिसमें आरक्षण और चुनाव प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा होगी।
झारखंड हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि जनवरी 2026 तक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी और मार्च तक पूरे चुनाव संपन्न हो जाएंगे। करीब ढाई साल से लंबित इन चुनावों के होने से नगर निकायों को केंद्र से मिलने वाला करीब 1600 करोड़ का अनुदान भी बहाल होगा।