झारखंड बोर्ड ने मैट्रिक-इंटर परीक्षा शुल्क में 35% की बढ़ोतरी की, 2026 से लागू

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रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)

रांची, 19 नवंबर 2025: झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने वर्ष 2026 की मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं के लिए आवेदन शुल्क में 35 प्रतिशत की भारी वृद्धि कर दी है। बोर्ड की हालिया बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद मंगलवार से ही नई दरें लागू करते हुए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

नई शुल्क संरचना के अनुसार अब मैट्रिक परीक्षा के लिए सामान्य वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को 1,180 रुपये तथा छात्राओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, BC-1 एवं BC-2 वर्ग के छात्रों को 980 रुपये जमा करने होंगे। प्राइवेट छात्र-छात्राओं से भी 1,180 रुपये ही लिए जाएंगे।

इंटरमीडिएट के लिए सामान्य वर्ग एवं EWS के छात्रों से 1,400 रुपये जबकि आरक्षित वर्ग की छात्राओं एवं छात्रों से 1,100 रुपये शुल्क लिया जाएगा। प्राइवेट छात्र-छात्राओं को 1,400 रुपये देने होंगे। सभी श्रेणियों में विलंब शुल्क के रूप में अतिरिक्त 500 रुपये लगेंगे। कंपार्टमेंट, इंप्रूवमेंट एवं दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों पर भी यही बढ़ी हुई दरें लागू होंगी।

बोर्ड का तर्क है कि बढ़ते प्रशासनिक खर्च, बेहतर उत्तर पुस्तिकाओं की छपाई, डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली, परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह वृद्धि आवश्यक थी। हालांकि अभिभावकों, छात्र संगठनों एवं विपक्षी दलों ने इसे गरीब एवं मध्यम वर्ग के छात्रों पर बोझ बताते हुए कड़ा विरोध जताया है। कई संगठनों ने शुल्क वृद्धि वापस लेने की मांग की है।

2026 की परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन 18 नवंबर से शुरू हो चुके हैं। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने स्कूलों के माध्यम से समय रहते jac.jharkhand.gov.in पर फॉर्म भर लें। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि अंतिम तिथि के बाद केवल विलंब शुल्क के साथ ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।