बांग्लादेश की अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को दी मौत की सजा

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रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)

ढाका, 17 नवंबर 2025: बांग्लादेश के इतिहास में आज का दिन काला अक्षरों में लिखा जाएगा। अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल (ICT) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद को 2024 के जुलाई छात्र आंदोलन के दौरान हुए नरसंहार के लिए दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें “मानवता के खिलाफ अपराध” और “नरसंहार की मास्टरमाइंड” करार दिया।

453 पृष्ठों के विस्तृत फैसले में तीन आरोप सिद्ध हुए: दो में फांसी और एक में उम्रकैद। कोर्ट ने माना कि हसीना के सीधे आदेश पर हेलीकॉप्टरों व ड्रोनों से प्रदर्शनकारियों पर गोलियां बरसाई गईं, 1,437 से अधिक लोग मारे गए और सैकड़ों शवों को सबूत मिटाने के लिए जलाया गया। पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी फांसी की सजा हुई।

फैसला सुबह 11:25 बजे सुनाया गया, जिसका लाइव प्रसारण बांग्लादेश टेलीविजन सहित कई चैनलों पर हुआ। जज के मुंह से सजा सुनते ही कोर्ट रूम में तालियां गूंज उठीं और “जुलाई क्रांति अमर रहे” के नारे लगे।

भारत में शरण लिए बैठी 78 वर्षीय शेख हसीना का मुकदमा उनकी गैरमौजूदगी में चला। सुबह जारी एक ऑडियो में उन्होंने कहा था, “जो सजा देनी है दे दो, मुझे फर्क नहीं पड़ता। अल्लाह ने दी है जिंदगी, वही लेगा।”

मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने इसे “शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि” बताया। पूरे देश में हाई अलर्ट है। भारत सरकार स्थिति पर नजर बनाई हुई है।