रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
नई दिल्ली 14 नवंबर: फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार बम धमाके की जांच में यूनिवर्सिटी का नाम सामने आने के बाद एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) ने 13 नवंबर को उसकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी। AIU ने कहा, “मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर संस्थान अच्छी स्थिति में नहीं है।”
धमाके की साजिश में यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग नंबर 17 को केंद्र बताया गया। जांच एजेंसियों ने डॉ. उमर उन नबी, डॉ. शाहिद, डॉ. निसार-उल-हसन और डॉ. मुजम्मिल सहित कई डॉक्टरों को हिरासत में लिया। ये ‘व्हाइट-कॉलर जिहाद’ मॉड्यूल से जुड़े बताए जा रहे हैं।
AIU ने यूनिवर्सिटी को अपना लोगो, नाम या कोई विशेषाधिकार इस्तेमाल करने से रोक दिया। NAAC ने गलत मान्यता दिखाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया, जबकि NMC ने भी कार्रवाई शुरू की। गृह मंत्रालय ने सभी रिकॉर्ड्स की फॉरेंसिक ऑडिट के आदेश दिए हैं और ED जांच में शामिल हो गया है।
2014 में स्थापित अल-फलाह यूनिवर्सिटी अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित है। UGC मान्यता अभी बरकरार है, लेकिन छात्रों को AIU लाभों से वंचित होना पड़ेगा। जांच आगे बढ़ने पर पूरी मान्यता खतरे में है।
दिल्ली पुलिस पूछताछ जारी रखे हुए है। इसे ‘आतंक की नर्सरी’ करार देते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।