रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
रांची, 12 नवंबर: झारखंड सरकार ने राज्य की जैव विविधता और स्वदेशी प्रजातियों के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए देशी मांगुर को राजकीय मछली का दर्जा प्रदान किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि यह प्रस्ताव राज्य गजट में प्रकाशन के बाद प्रभावी होगा।
देशी मांगुर झारखंड के ग्रामीण इलाकों, पोखरों और नदियों में प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली वायुश्वासी मछली है। कम पानी और कीचड़ में भी जीवित रहने की क्षमता इसे विशेष बनाती है। आदिवासी समुदायों में यह पारंपरिक आहार और आयुर्वेदिक औषधि के रूप में प्रसिद्ध है। विदेशी हाइब्रिड प्रजातियों के अंधाधुंध प्रजनन से देशी मांगुर पर विलुप्ति का खतरा मंडरा रहा था।
कैबिनेट ने संरक्षण के लिए हैचरी निर्माण, अवैध शिकार पर रोक और जागरूकता अभियान चलाने की योजना को भी मंजूरी दी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम जैव विविधता संरक्षण में मील का पत्थर साबित होगा। बिहार ने 2008 में इसे राजकीय मछली घोषित किया था, किंतु वहाँ संरक्षण चुनौती बना हुआ है।
बैठक में 18 प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिनमें कांस्टेबल भर्ती नियम संशोधन, हर जिले में STEM लैब, देवघर में होटल बैद्यनाथ बिहार निर्माण और विधानसभा शीतकालीन सत्र (5-12 दिसंबर) शामिल हैं।