4 नवंबर 2025 रामगढ़ कैंट : सिख धर्म के संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी की 556वीं जयंती के उपलक्ष्य में आज दोपहर 2 बजे गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा, मुख्य बाजार से भव्य नगर कीर्तन शोभायात्रा निकली। “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह” के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा।
शोभायात्रा का नेतृत्व पंजाब से आए पंच प्यारे ने किया, जिनके हाथों में निशान साहिब लहरा रहा था। फूलों से सजी ट्रक-पालकी में गुरु ग्रंथ साहिब विराजमान थे। बैंड की स्वरलहरियों पर बच्चे ढोल बजा रहे थे, गतका दल तलवारें चमका रहा था।
शोभायात्रा के रूट थे:
गुरुद्वारा → किला मंदिर → चट्टी बाजार → मेन रोड → सुभाष चौक → बीजुलिया → गुरु नानक स्कूल → वापस गुरुद्वारा।
शहर के हर चौराहे पर फूलों से स्वागत किया गया। कई परिवारों ने आरती उतारी, सभी समुदायों के द्वारा जलपान की व्यवस्था की गई थी। लगभग 200 से अधिक लंगर स्टॉलों पर चाय-समोसे का इंतजाम किया गया था। तीन ड्रोन और आठ LED स्क्रीन से लाइव प्रसारण भी किया जा रहा था।
कमेटी प्रधान सरदार परमदीप सिंह कालरा (जानू) ने कहा, “यह यात्रा सिर्फ सिखों की नहीं, रामगढ़ की साझा खुशी है। गुरु जी ने सिखाया- न कोई हिंदू, न मुसलमान।”
सचिव गुरजोत सिंह सैनी ने बताया, “10 दिन से रोज प्रभात फेरी निकाली जा रही थी। आज हजारों श्रद्धालु शोभायात्रा में शामिल हुए।
कल (5 नवंबर) मुख्य प्रकाश पर्व:
• 4 बजे: 48 घंटे अखंड पाठ भोग
• 10:30 बजे: गुरु नानक स्कूल ऑडिटोरियम में कीर्तन दरबार (पटना-अमृतसर रागी जत्थे)
• 2 बजे: 1 लाख लोगों का महालंगर