ईडी ने सब-इंस्पेक्टर मीरा सिंह के खिलाफ सरकार और आयकर विभाग से सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की: मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले में नया मोड़

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रांची, 3 नवंबर 2025 : झारखंड पुलिस की विवादास्पद सब-इंस्पेक्टर मीरा सिंह पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का शिकंजा कसता जा रहा है। अवैध बालू व्यापार और जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने मीरा सिंह के खिलाफ झारखंड सरकार और आयकर विभाग से तत्काल कार्रवाई की सिफारिश की है। यह अनुशंसा ईडी की हालिया जांच रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें मीरा सिंह की अवैध कमाई के स्रोतों का खुलासा हुआ है।

ईडी के मुताबिक, मीरा सिंह (2012 बैच की सब-इंस्पेक्टर) ने तुपुदाना ओपी प्रभारी रहते हुए अवैध बालू कारोबार और जमीन सौदों में मध्यस्थता की, जिससे करोड़ों की काली कमाई हुई। मार्च 2024 में ईडी ने उनके रांची स्थित आवास पर छापेमारी की थी, जहां से 12.50 लाख रुपये नकद और 8 मोबाइल फोन जब्त किए गए थे। इसके अलावा, कांग्रेस नेता लाल मोहित नाथ शाहदेव के ठिकानों पर भी रेड हुई थी, जो मीरा सिंह से जुड़े पाए गए। अप्रैल 2024 में ईडी कार्यालय में पूछताछ के दौरान बालू और जमीन से जुड़े मामलों पर विस्तृत बयान दर्ज किए गए।

सितंबर 2025 में ईडी ने रांची की विशेष अदालत में मीरा सिंह के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (पीएमएलए) की चार्जशीट दाखिल की, जो अब अदालत में विचाराधीन है। नवीनतम रिपोर्ट में ईडी ने कहा है कि मीरा सिंह की संपत्तियों में अघोषित आय के सबूत मिले हैं, इसलिए झारखंड सरकार से विभागीय जांच, पद से स्थायी हटाना या आपराधिक मुकदमा चलाने की सिफारिश की गई है। साथ ही, आयकर विभाग से अघोषित आय पर टैक्स वसूली और भारी जुर्माने की मांग की गई है।

मीरा सिंह का विवादित इतिहास लंबा है। तुपुदाना ओपी में प्रभारी रहते हुए रिश्वतखोरी के कई आरोप लगे, जिसके चलते उन्हें लाइन अटैच कर हटा दिया गया था। झारखंड बीजेपी प्रमुख बाबूलाल मरांडी समेत कई नेताओं ने उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं। ईडी की अनुशंसा के बाद झारखंड पुलिस मुख्यालय ने विभागीय जांच शुरू करने की पुष्टि की है, जबकि आयकर विभाग ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।

यह मामला झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “मीरा सिंह जैसे मामलों से पुलिस महकमे में सफाई जरूरी है। आगे की कार्रवाई में संपत्ति कुर्की का भी प्रावधान है।” मीरा सिंह के वकील ने इसे “राजनीतिक साजिश” बताते हुए अदालत में चुनौती देने की बात कही।

अधिकारियों के अनुसार, यह अनुशंसा ईडी की सितंबर चार्जशीट के बाद की गई है, और अगली सुनवाई में नई जानकारियां सामने आ सकती हैं। झारखंड सरकार ने इस पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन विपक्ष ने इसे “भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने” का स्वागत किया है। मामला तेजी से गरमाता जा रहा है, और आने वाले दिनों में बड़े खुलासे हो सकते हैं।