असम के बाद अब बंगाल में हेमंत सोरेन TMC के समर्थन में मांगेंगे वोट

Spread the News

रांची/कोलकाता, 13 अप्रैल 2026: झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में कोई उम्मीदवार नहीं उतारने और तृणमूल कांग्रेस को पूर्ण समर्थन देने का फैसला लिया है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन टीएमसी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करेंगे।

झामुमो नेता विजय हांसदा ने पुष्टि की कि ममता बनर्जी से अच्छे संबंधों के कारण पार्टी भाजपा को रोकने के लिए टीएमसी के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा, “हमारे नेता हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन टीएमसी के लिए कई चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे।”

यह फैसला असम विधानसभा चुनाव के बाद आया है, जहां झामुमो ने चाय बागान और आदिवासी इलाकों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। बंगाल में झामुमो का फोकस मुख्य रूप से जंगलमहल और उत्तर बंगाल के आदिवासी बहुल क्षेत्रों पर रहेगा, जो झारखंड की सीमा से सटे हैं।

झारखंड में झामुमो कांग्रेस के साथ गठबंधन में सरकार चला रही है, लेकिन बंगाल में टीएमसी के समर्थन का यह कदम INDIA गठबंधन के भीतर असुविधा पैदा कर रहा है। कांग्रेस सूत्रों में नाराजगी जताई जा रही है, जबकि झामुमो इसे क्षेत्रीय समीकरण और आदिवासी हितों से जोड़कर देख रहा है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दो चरण 23 और 29 अप्रैल को प्रस्तावित हैं। ममता बनर्जी की टीएमसी पहले से ही मजबूत स्थिति में दिख रही है, लेकिन भाजपा लगातार आक्रामक रणनीति अपना रही है। हेमंत सोरेन की लोकप्रियता और कल्पना सोरेन की स्टार प्रचारक छवि टीएमसी को आदिवासी और ग्रामीण वोटरों में अतिरिक्त बढ़त दिला सकती है।

झामुमो प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने भी पुष्टि की कि हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन आने वाले दिनों में टीएमसी उम्मीदवारों के लिए प्रचार में सक्रिय रूप से शामिल होंगे।

यह कदम 2021 के चुनावों की याद दिलाता है, जब झामुमो ने इसी तरह टीएमसी को समर्थन दिया था। राजनीतिक विश्लेषक इसे क्षेत्रीय गठबंधनों की नई रणनीति के रूप में देख रहे हैं, जहां राष्ट्रीय गठबंधन से अलग राज्य-विशेष समीकरण बनाए जा रहे हैं।