नई दिल्ली/रांची, 11 अप्रैल 2026: सड़क यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव! सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, 10 अप्रैल 2026 से देश के सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब हर लेन FASTag आधारित हो गई है। बिना FASTag या खराब/अपर्याप्त बैलेंस वाले वाहनों को UPI से भुगतान करना होगा, लेकिन उस पर सामान्य टोल से 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क 1.25 गुना चुकाना पड़ेगा।
सरकार का कहना है कि इस कदम से टोल प्लाजा पर लंबी कतारें खत्म होंगी, ट्रैफिक जाम कम होगा और टोल संग्रह पूरी तरह डिजिटल हो जाएगा। पूरे देश में 1,150 से ज्यादा टोल प्लाजा इस नियम के दायरे में आ चुके हैं।
नया नियम क्या कहता है:-
• FASTag वाले वाहन: सामान्य टोल राशि ही कटेगी, अगर टैग एक्टिव और बैलेंस पर्याप्त हो।
• बिना FASTag या समस्या वाले वाहन: टोल प्लाजा पर दिखाए गए डायनामिक QR कोड को UPI ऐप से स्कैन कर 1.25 गुना राशि का भुगतान करना होगा। उदाहरण के तौर पर, 100 रुपये का टोल अब 125 रुपये हो जाएगा।
• कैश बिल्कुल नहीं चलेगा: कोई भी टोल बूथ पर नगद स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यदि कोई वाहन बिना भुगतान आगे बढ़ने की कोशिश करता है तो उसे रोका जा सकता है या लेन से हटाया जा सकता है। भुगतान न करने पर वाहन मालिक को e-Notice जारी होगा। तीन दिन के अंदर भुगतान न करने पर राशि दोगुनी हो सकती है। बार-बार उल्लंघन पर अतिरिक्त जुर्माना या ब्लैकलिस्टिंग का भी खतरा है।
NHAI और MoRTH ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे तुरंत FASTag लगवा लें। MyFASTag ऐप, बैंक ऐप या Paytm जैसी सेवाओं से आसानी से FASTag प्राप्त किया जा सकता है। बैलेंस हमेशा पर्याप्त रखें और खराब टैग को तुरंत रीइश्यू करवाएं। लंबी यात्रा पर UPI से बार-बार 25% एक्स्ट्रा देना महंगा साबित हो सकता है।
यह बदलाव डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूत करने और हाईवे पर सुगम यातायात सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।