वाशिंगटन/तेहरान, 8 अप्रैल: मध्य पूर्व में फरवरी 2026 से जारी विनाशकारी जंग को 40वें दिन अस्थायी ब्रेक लग गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार देर रात ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर ऐलान किया कि उन्होंने ईरान पर हमले और बमबारी 14 दिनों के लिए रोक दी है। यह फैसला पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद आया है।
ट्रंप ने स्पष्ट शर्त रखी ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत, पूरी तरह और सुरक्षित तरीके से जहाजों के लिए खोलना होगा। उन्होंने लिखा, “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असिम मुनीर से बातचीत के बाद मैं ईरान पर हमले 2 हफ्ते के लिए रोक रहा हूं। यह दोनों तरफ का सीजफायर होगा।”
ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी इस 14 दिनों के युद्धविराम को स्वीकार कर लिया है। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि अगर अमेरिका हमले रोकता है तो होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित गुजर की अनुमति दी जाएगी। ईरान ने इसे अपनी “ऐतिहासिक जीत” बताया है और तेहरान की सड़कों पर जश्न मनाया जा रहा है।
पाकिस्तान ने दोनों पक्षों के बीच पुल का काम किया। बातचीत इस्लामाबाद में 10 अप्रैल से शुरू होने वाली है। ट्रंप ने ईरान के 10-पॉइंट शांति प्रस्ताव को “workable basis” बताया, हालांकि उन्होंने कुछ बिंदुओं पर शंकाएं भी जताई थीं।
इजरायल ने भी इस अस्थायी युद्धविराम का समर्थन किया है, लेकिन लेबनान में उसके कुछ अभियान जारी रह सकते हैं।
होर्मुज से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है। ईरान ने इसे बंद कर वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित की थी, जिससे कीमतें आसमान छू रही थीं। सीजफायर के बाद तेल की कीमतें तेजी से गिरी हैं और अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स बढ़ गए हैं।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका होर्मुज में ट्रैफिक मैनेजमेंट में मदद करेगा और “बड़ी रकम” बनेगी। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईरान और ओमान जहाजों से ट्रांजिट फीस वसूल सकते हैं।
यह सिर्फ अस्थायी राहत है। अगर इन 14 दिनों में स्थायी समझौता नहीं हुआ तो जंग दोबारा शुरू हो सकती है। ईरान ने अपने सभी सैन्य यूनिट्स को फायरिंग रोकने का आदेश दे दिया है।