रामगढ़, 07 अप्रैल 2026: उपकारा रामगढ़ में सोमवार को 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि सिविल सर्जन रामगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के शुभारंभ के साथ किया। इस मौके पर टीबी की रोकथाम और समय पर जांच-उपचार पर विशेष जोर दिया गया।
सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जिसमें समय पर इलाज न होने पर एक मरीज औसतन एक वर्ष में 10 से 15 स्वस्थ व्यक्तियों को संक्रमित कर सकता है। उन्होंने बताया कि टीबी की जांच और उपचार सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है।
डॉ. कुमार ने निक्षय पोषण योजना की जानकारी देते हुए कहा कि सभी टीबी मरीजों को प्रतिमाह ₹1000 की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में दी जाती है। इसके अलावा निक्षय मित्रों के जरिए इलाजरत मरीजों को पोषण आहार के लिए फूड बास्केट भी उपलब्ध कराई जा रही है।
शिविर के दौरान टीबी सेल द्वारा अति उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन से छाती की जांच कर स्क्रीनिंग की गई। साथ ही एनसीडी सेल द्वारा शुगर एवं ब्लड प्रेशर की जांच तथा ICTC सेल द्वारा एचआईवी जांच की सुविधा भी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. स्वराज, जेल चिकित्सक डॉ. रवींद्र कुमार, व्यवहार न्यायालय रामगढ़ के अधिवक्ता रामजी, डीपीएम प्रदीप कुमार सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग और संबंधित इकाइयों के कई कर्मी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अरविंद कुमार (STLS), नीरज कुमार (SDPS), उपेंद्र कुमार (ब्लड बैंक LT), हरेराम प्रसाद (काउन्सेलर ICTC), मार्था (GNM, NCD सेल), मनु कुमार महतो (एक्स-रे टेक्निशियन), जितेंद्र कुमार राणा सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद थे।
यह शिविर टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, क्योंकि हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन से दूर-दराज के क्षेत्रों में भी तेज और प्रभावी स्क्रीनिंग संभव हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे शिविरों को और बढ़ाने का संकल्प लिया है।