रामगढ़/रांची, 7 अप्रैल 2026: झारखंड के रामगढ़ जिले के हेसला (अरगड्डा मोड़ के पास) स्थित झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड प्लांट में सोमवार तड़के करीब 4:40 बजे भीषण फर्नेस ब्लास्ट हो गया। प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण प्लांट में काम कर रहे 9 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें से 7 मजदूरों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिनके शरीर के 80-90 प्रतिशत हिस्से तक जल चुके हैं।
प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को रामगढ़ के द हॉप अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची के देवकमल अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, घायलों में से एक अशोक बेदिया का देवकमल अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया।
घायल मजदूरों के नाम:
अखिला राय, बृजलाल बेदिया, राजबालन यादव, महेश महतो, अशोक बेदिया (निधन), राजू झा, छोटू साव, सुरेश बेदिया और इशया।
घटना की जानकारी मिलते ही प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों की भीड़ जुट गई. रामगढ़ नगर परिषद के उपाध्यक्ष रणधीर गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर कड़ी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि इतने बड़े प्लांट में एंबुलेंस तक की व्यवस्था नहीं होना बेहद शर्मनाक है।
घायलों को स्थानीय लोगों के सहयोग से अस्पताल पहुंचाना पड़ा, जो प्रबंधन की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। डॉक्टरों ने बताया कि फर्नेस के पास काम कर रहे मजदूर अचानक हुए धमाके और आग की चपेट में आ गए। इलाके में धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के इलाकों में भी दहशत फैल गई।
रामगढ़ पुलिस ने प्रारंभिक जांच में बताया कि ब्लास्ट की वजह तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों की लापरवाही हो सकती है। मजदूरों ने लंबे समय से प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग की थी, लेकिन प्रबंधन ने कोई ध्यान नहीं दिया।
मांडू विधायक निर्मल महतो ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जायजा लिया
मांडू विधायक निर्मल महतो ने देवकमल अस्पताल, रांची पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों से घायलों की विस्तृत स्थिति की जानकारी ली और बेहतर इलाज के निर्देश दिए। चिकित्सकों ने बताया कि गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विधायक निर्मल महतो ने अस्पताल प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि कोई कमी न रहने पाए और घायलों को उचित चिकित्सा सुविधा, दवाइयां तथा जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।
इस हादसे ने पूरे रामगढ़ और झारखंड में हड़कंप मचा दिया है। स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
झारखंड सरकार और श्रम विभाग से इस घटना पर तुरंत संज्ञान लेने, प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा तथा सहायता देने की अपील की जा रही है। ऐसे औद्योगिक हादसों को रोकने के लिए फैक्टरियों में सुरक्षा मानकों की सख्त पालना सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।