रांची: प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर प्रशासन का शिकंजा, अब बिना मंजूरी नहीं होगी वृद्धि

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रांची, 7 अप्रैल 2026: राजधानी रांची में निजी स्कूलों द्वारा बिना अनुमति और मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम 2017 के तहत जिला स्तरीय जांच एवं निर्णय समिति का गठन किया गया है। इस समिति की मंजूरी के बिना अब कोई भी निजी स्कूल फीस में वृद्धि नहीं कर सकेगा। उल्लंघन करने पर ₹50,000 से लेकर ₹2.5 लाख तक का जुर्माना और गंभीर मामलों में स्कूल की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है।

अभिभावकों की लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने हाल ही में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कई स्कूलों द्वारा 15 से 30 प्रतिशत तक फीस बढ़ोतरी, री-एडमिशन के नाम पर अतिरिक्त वसूली और विशिष्ट दुकानों से किताबें-यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने मांग की है कि समिति तुरंत बैठक कर सभी स्कूलों की फीस की समीक्षा करे और अतिरिक्त वसूली वापस कराई जाए।

समिति को स्कूलों की वित्तीय दस्तावेज मंगाने, गवाह बुलाने और सबूतों के आधार पर निर्णय लेने का पूरा अधिकार दिया गया है। स्कूल प्रबंधनों को अब शुल्क निर्धारण समिति और अभिभावक-शिक्षक संघ बनाना भी अनिवार्य होगा। साथ ही स्कूल परिसर में किताबें, यूनिफॉर्म या अन्य सामग्री की बिक्री पर भी रोक लगाई गई है।

उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

अभिभावक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही मांग की है कि समिति जल्द सक्रिय हो और मनमानी करने वाले स्कूलों पर सख्त एक्शन लिया जाए। शिक्षा को व्यवसायीकरण से बचाने की दिशा में यह कदम अभिभावकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।