रामगढ़, 6 अप्रैल 2026: रामगढ़ जिला पुलिस ने एक बार फिर कुख्यात राहुल दुबे गैंग पर शिकंजा कसा है। पतरातु स्थित MGCPL कंपनी में 29 मार्च को हुई फायरिंग मामले में गैंग के 7 सक्रिय सदस्यों को हथियारों और वाहन सहित गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन अपराधियों की दोबारा फायरिंग करने की साजिश को भी विफल कर दिया।
रामगढ़ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस सफलता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 29 मार्च 2026 को MGCPL कंपनी के कैंप के मेन गेट पर रंगदारी न देने के कारण राहुल दुबे गैंग के सदस्यों ने फायरिंग की थी, जिसमें कंपनी के सुरक्षा गार्ड प्रदीप राजवंशी गंभीर रूप से घायल हुए थे।
गुप्त सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस टीम ने पतरातु अनुमंडल क्षेत्र में छापेमारी की। गिरफ्तार अपराधियों के पास से 2 अवैध हथियार, 4 जिंदा कारतूस, एक चारपहिया वाहन और अन्य आपराधिक सामग्री बरामद की गई।
• कंपनी ने राहुल दुबे गैंग से बिना ‘मैनेजमेंट’ किए ओवरब्रिज का काम दोबारा शुरू कर दिया था।
• इसके बाद गैंग के सदस्य क्षेत्र में रेकी कर रहे थे और दोबारा फायरिंग की योजना बना रहे थे, ताकि दहशत फैलाकर लेवी वसूल सकें।
• कुछ आरोपी जंगी ऐप के जरिए निर्देश ले रहे थे।
• गिरफ्तार अपराधियों ने पूछताछ में 29 मार्च की फायरिंग की जिम्मेदारी भी स्वीकार की।
इस मामले में पतरातु थाना में कांड संख्या 78/2026 दर्ज किया गया है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
राहुल दुबे गैंग झारखंड के कोयला क्षेत्रों में लेवी वसूली, फायरिंग, बमबाजी और संगठित अपराध के लिए बदनाम है। रामगढ़ पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में भी इस गैंग के कई सदस्यों को हथियारों के साथ पकड़ा है।
एसपी अजय कुमार ने कहा, “पुलिस की सतर्कता और गुप्त सूचना प्रणाली से अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेरा जा रहा है। निर्माण कार्यों को किसी भी तरह की धमकी से मुक्त रखने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।”
यह कार्रवाई स्थानीय निर्माण कंपनियों और व्यवसायियों में राहत की भावना पैदा कर रही है। रामगढ़ पुलिस की इस बड़ी सफलता को क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।