रामगढ़ में JEE मेन्‍स परीक्षा से पहले बड़ा फर्जीवाड़ा!, राधा गोविंद विश्वविद्यालय के प्रबंधन की सतर्कता से धांधली गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

Spread the News

रामगढ़, 31 मार्च 2026: झारखंड के रामगढ़ जिले स्थित राधा गोविंद विश्वविद्यालय में 2 से 8 अप्रैल 2026 तक होने वाली JEE मेन्‍स-2 परीक्षा से ठीक पहले एक बड़े संगठित धांधली रैकेट का भंडाफोड़ हो गया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन की तत्परता और पुलिस की तेज कार्रवाई से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें विश्वविद्यालय का एक टेक्नीशियन भी शामिल है। पुलिस ने मौके से 70 कंप्यूटर मॉनिटर, एक फोर्ट्यूनर SUV और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपी लोग खुद को TCS का कर्मचारी बताकर बिना अनुमति विश्वविद्यालय की कंप्यूटर लैब में घुसे। वे मॉनिटर बदलने और CPU सिस्टम में छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रहे थे, ताकि चुनिंदा छात्रों को परीक्षा में फायदा पहुंचाया जा सके। यह साजिश पिछले चार साल से यहां चल रही परीक्षा केंद्र को निशाना बनाकर रची गई थी।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव निर्मल कुमार मंडल के बयान पर रामगढ़ पुलिस ने FIR दर्ज की और तुरंत कार्रवाई शुरू की। गिरफ्तार आरोपियों में विश्वविद्यालय का टेक्नीशियन दिनेश कुमार महतो और ओरमांझी निवासी राजेश ठाकुर (जो खुद को TCS से जुड़ा बताता था) शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि विश्वविद्यालय कर्मचारियों की सूझबूझ से न केवल एक बड़े घोटाले को रोका गया, बल्कि परीक्षा की निष्पक्षता भी बची।

रामगढ़ के उपायुक्त ने मामले की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी है। पुलिस पूछताछ में आगे के गैंग सदस्यों और संभावित छात्रों के नाम सामने आने की उम्मीद है।

राधा गोविंद विश्वविद्यालय के प्रबंधन ने इस घटना पर कड़ी निंदा की है और कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों से सहयोग का आश्वासन दिया।

यह घटना JEE मेन्‍स जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में बढ़ती धांधली की प्रवृत्ति को उजागर करती है। NTA और TCS द्वारा सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद ऐसे प्रयास परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हैं।

एसपी अजय कुमार ने कहा कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों और छात्रों से अपील की गई है कि वे नकल या सेटिंग के किसी भी प्रलोभन से बचें।

यह सफल पर्दाफाश परीक्षा की निष्पक्षता के प्रति विश्वविद्यालय प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। JEE मेन्‍स 2026 की परीक्षा अब और अधिक सुरक्षित वातावरण में आयोजित होने की उम्मीद है।