झारखंड में बिजली महंगी: 1 अप्रैल से 6.12% बढ़ी दरें, आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा बोझ

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रांची, 1 अप्रैल 2026: झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं को नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही महंगाई का झटका लगा है। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में औसतन 6.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। नई दरें आज 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गई हैं और मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी।

झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने शुरू में करीब 59 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था, लेकिन आयोग ने इसे काफी कम कर केवल 6.12 प्रतिशत पर सीमित रखा। इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक श्रेणियों पर पड़ेगा।

• शहरी क्षेत्र: ₹6.85 से बढ़कर ₹7.40 (55 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी)।

• ग्रामीण क्षेत्र: ₹6.70 से बढ़कर ₹7.20 (50 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी)।

उदाहरण के तौर पर, अगर कोई शहरी उपभोक्ता 200 यूनिट बिजली इस्तेमाल करता है तो उसका मासिक बिल लगभग ₹110 तक बढ़ सकता है।

किसानों और कृषि श्रेणी के लिए बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। आयोग ने आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत देते हुए मीटर रेंट भी पूरी तरह खत्म कर दिया है। साथ ही, समय पर बिल जमा करने पर 2 प्रतिशत की छूट का प्रावधान रखा गया है। व्यावसायिक श्रेणी में भी दरें बढ़ाई गई हैं। शहरी व्यावसायिक उपभोक्ताओं को अब लगभग ₹7.30 प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी।

JSERC के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नवनीत कुमार ने कहा कि प्रस्तावित भारी बढ़ोतरी को देखते हुए आयोग ने संतुलित फैसला लिया है, ताकि उपभोक्ताओं पर अत्यधिक बोझ न पड़े और बिजली कंपनी की वित्तीय स्थिति भी सुधरे।

यह बढ़ोतरी राज्य के लाखों घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के बिल को प्रभावित करेगी। हालांकि स्लैब सिस्टम, फिक्स्ड चार्ज और अन्य शुल्कों के कारण वास्तविक बिल अलग-अलग हो सकता है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने नए बिल की पूरी डिटेल JBVNL के ऐप, वेबसाइट या नजदीकी कार्यालय से जांच लें।

बिजली दरों में यह मामूली लेकिन अनिवार्य बढ़ोतरी बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने और बेहतर सेवाएं देने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।