हजारीबाग, 31 मार्च 2026: हजारीबाग जिले के बिष्णुगढ़ प्रखंड के कुसुंबा क्षेत्र में रामनवमी की मंगल जुलूस के दौरान गायब हुई 11-12 वर्षीय मासूम बच्ची का शव अगले दिन खेत के पास मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच में बच्ची के साथ बलात्कार के बाद पत्थर से सिर कुचलकर हत्या करने और निजी अंगों में बांस का टुकड़ा डालने की पुष्टि हुई। इस नृशंस कांड ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।
कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने हजारीबाग में प्रशासन का पुतला फूंका, कैंडल मार्च और प्रदर्शन किया। अंबा प्रसाद ने कहा, “पुलिस कई दिनों बाद भी अपराधियों तक नहीं पहुंच पाई है। यह प्रशासन की पूरी नाकामी है।” उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर CBI जांच सौंपने की मांग की और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की बात कही।
प्रदर्शन के दौरान उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस पर पक्षपात व लापरवाही का आरोप लगाया। कई अन्य संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी DC तथा SP को हटाने और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग उठाई। हजारीबाग बंद का भी आह्वान किया गया, जिसका काफी असर देखा गया।
झारखंड पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय SIT गठित कर दी है। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को मौके पर भेजा गया है। सीडीआर विश्लेषण और अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं। हालांकि, विपक्ष और आम जनता पुलिस की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं है और CBI को जांच सौंपने की मांग कर रही है।
इस घटना को निर्भया कांड से जोड़कर देखा जा रहा है। स्थानीय लोग और राजनीतिक दल बालिकाओं की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं। पीड़ित परिवार ने त्वरित न्याय और दोषियों की गिरफ्तारी की अपील की है। पूर्व सांसद डॉ. यदुनाथ पांडे समेत कई नेताओं ने भी CBI जांच की मांग की है।
अंबा प्रसाद ने कहा कि “हजारीबाग की बेटी को इंसाफ मिलना चाहिए। अगर पुलिस नाकाम रही तो CBI जांच होनी चाहिए।” उन्होंने पीड़ित परिवार को पांच करोड़ रुपये मुआवजे की भी मांग की।
यह घटना झारखंड में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है कि दोषी जल्द पकड़े जाएं और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर सख्त सजा दी जाए।