रांची, 30 मार्च: झारखंड के प्रमुख चिकित्सा संस्थान राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान ने गरीब और वंचित छात्रों के सपनों को पंख देने वाली एक अनोखी पहल शुरू की है। RIMS की शासी निकाय की बैठक में फैसला लिया गया है कि MBBS के पहले और दूसरे वर्ष के टॉपर छात्र 30 चुनिंदा वंचित अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा की निःशुल्क कोचिंग देंगे।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस योजना के तहत कोई भी फीस नहीं ली जाएगी और कोचिंग पूरी तरह मुफ्त होगी। RIMS के MBBS फर्स्ट ईयर और सेकंड ईयर के टॉपर स्टूडेंट्स मेंटर्स की भूमिका निभाएंगे। उन्हें प्रति घंटे ₹2,500 का इंसेंटिव दिया जाएगा। कक्षाएं सप्ताह में चार दिन आयोजित की जाएंगी।
चयन प्रक्रिया
• चयन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर होगा।
• उच्च माध्यमिक विभाग द्वारा 30 छात्रों का चयन किया जाएगा।
• यह सुविधा मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उन मेधावी छात्रों के लिए है, जो डॉक्टर बनना चाहते हैं लेकिन महंगी कोचिंग संस्थानों की फीस और संसाधनों की कमी के कारण पीछे रह जाते हैं।
इस पहल का उद्देश्य कोटा जैसे महंगे कोचिंग सेंटर्स पर निर्भरता कम करना और स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण NEET तैयारी उपलब्ध कराना है। साथ ही, RIMS के छात्रों को भी मेंटरशिप का अनुभव मिलेगा और वे समाज की सेवा में योगदान देंगे।
बैठक में RIMS से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए, जिनमें मरीजों की मृत्यु पर परिजनों को ₹5,000 की तत्काल सहायता और ‘मोक्ष वाहन’ योजना के तहत फ्री हर्स सेवा शामिल है। इंटर्न डॉक्टर्स को ₹30,000 मासिक छात्रवृत्ति देने का भी प्रावधान किया गया है।
RIMS के निदेशक ने कहा कि यह पहल झारखंड के ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों के छात्रों को चिकित्सा क्षेत्र में अवसर प्रदान करेगी। राज्य सरकार का प्रयास है कि मेधा और आर्थिक स्थिति के बीच की खाई को पाटा जाए।
इच्छुक छात्र उच्च माध्यमिक विभाग, झारखंड या RIMS रांची के प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं। चूंकि चयन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ पर आधारित है, इसलिए जल्द से जल्द आधिकारिक सूचना के लिए RIMS वेबसाइट, झारखंड स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग की वेबसाइट या स्थानीय समाचार पत्रों की जांच करें।
यह पहल न केवल गरीब छात्रों की तकदीर बदलने वाली है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। NEET की तैयारी कर रहे सभी मेधावी छात्रों को RIMS की इस मुहिम से लाभ उठाना चाहिए।