मनीला, 25 मार्च 2026: फिलीपींस ने मध्य पूर्व युद्ध के कारण उत्पन्न ऊर्जा संकट से निपटने के लिए औपचारिक रूप से राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित कर दिया है। राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने मंगलवार को कार्यकारी आदेश संख्या 110 पर हस्ताक्षर किए। यह फिलीपींस को इस तरह की आपात स्थिति घोषित करने वाला दुनिया का पहला देश बना है।
राष्ट्रपति मार्कोस ने कहा, “मध्य पूर्व संघर्ष के कारण देश की ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। हम तेल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार तेल के ‘फ्लो’ यानी निरंतर प्रवाह को बनाए रखेगी, न कि सिर्फ एक-दो खेप की व्यवस्था करेगी।
फिलीपींस अपनी 98 प्रतिशत तेल जरूरत खाड़ी देशों से आयात करता है। 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित होने से पेट्रोल और डीजल की कीमतें दोगुनी से अधिक हो गई हैं। देश के पास फिलहाल केवल 45 दिनों का तेल स्टॉक बचा है।
इस आपातकाल की घोषणा से सरकार को विशेष अधिकार मिल गए हैं। इनमें शामिल हैं – तेल की सीधी खरीद, अग्रिम भुगतान, ईंधन-खाद्य-पानी और दवाइयों की व्यवस्थित वितरण के लिए समिति गठन तथा सामान्य प्रक्रियाओं को दरकिनार कर तत्काल कदम उठाना। यह आपातकाल एक वर्ष तक लागू रहेगा।
ऊर्जा सचिव ने चेतावनी दी कि सबसे खराब स्थिति में देश में ईंधन की कमी हो सकती है। सरकार अब कोयला आधारित बिजली संयंत्रों पर अधिक निर्भर हो रही है। सरकारी कार्यालयों में चार दिन का कार्य सप्ताह शुरू किया जा रहा है।
ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने बढ़ती कीमतों और सरकार की नाकामी के खिलाफ दो दिन की हड़ताल की घोषणा की है। लेबर संगठन ने इसे सरकार की असफलता का स्वीकारोक्ति बताया है। आम लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है।
एशिया के अन्य देश भी संकट में
यह संकट सिर्फ फिलीपींस तक सीमित नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाला वैश्विक तेल का पांचवां हिस्सा एशिया जाता है। कई देशों ने ऊर्जा बचत के सख्त उपाय शुरू कर दिए हैं।
• बांग्लादेश में ईंधन राशनिंग लागू है। फैक्टरियों में ब्लैकआउट, विश्वविद्यालयों में छुट्टियां और रामजान पहले शुरू कर दिया गया है।
• दक्षिण कोरिया में छोटे शावर लेने, दिन में फोन चार्ज करने और एसी कम करने की सलाह दी गई है।
• थाईलैंड ने कर्मचारियों को सूट न पहनने और एसी का कम उपयोग करने की अपील की है।
• जापान ने अपना सबसे बड़ा इमरजेंसी ऑयल रिजर्व रिलीज शुरू कर दिया है।
• मिस्र में मॉल और रेस्तरां रात 9 बजे बंद करने तथा सरकारी इमारतें शाम 6 बजे बंद करने का आदेश जारी किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने इसे दशकों का सबसे बुरा ऊर्जा झटका बताया है। वैश्विक तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज का संकट लंबा चला तो मुद्रास्फीति बढ़ेगी, आर्थिक विकास रुकेगा और गरीब देशों में खाद्य तथा पानी का संकट गहरा सकता है। फिलीपींस की यह घोषणा अन्य देशों के लिए मिसाल बन सकती है। नागरिकों से अपील की गई है कि ईंधन का सावधानीपूर्वक उपयोग करें और जरूरी यात्राएं सीमित रखें। स्थिति पर लगातार नजर रखें। आगे बड़े ऐलान हो सकते हैं।
यह वैश्विक ऊर्जा संकट अब सिर्फ तेल की कीमतों का नहीं, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन का संकट बन चुका है।