रामगढ़, 25 मार्च: राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत टाउन हॉल, रामगढ़ में सोमवार को जिला स्तरीय ‘स्वास्थ्य आरोग्य दूत संवाद’ कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरों के शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य, जागरूकता और सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन उपविकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, सिविल सर्जन डॉ. नवल कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक संजीत कुमार एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
उपविकास आयुक्त आशीष अग्रवाल ने उपस्थित शिक्षकों और छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने उनके अनुभव सुनें और स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए सभी को प्रेरित किया। सिविल सर्जन डॉ. नवल कुमार ने कहा कि किशोरावस्था जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील पड़ाव है। सही मार्गदर्शन, सकारात्मक जीवनशैली और स्वस्थ आदतें ही एक सशक्त भविष्य की मजबूत नींव रख सकती हैं।
आरोग्य दूतों ने कार्यक्रम में बताया कि विद्यालयों में 16 मॉड्यूल के माध्यम से किशोरों को नियमित स्वास्थ्य शिक्षा दी जा रही है। इसमें धूम्रपान, तंबाकू जैसी कुरीतियों की रोकथाम, लैंगिक समानता, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इस अवसर पर ‘स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस’ कार्यक्रम को बच्चों को शिक्षा और स्वास्थ्य से जोड़ने वाली एक उपयोगी पहल बताया गया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों और आरोग्य दूत छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. स्वराज, जिला आर.सी.एच. पदाधिकारी डॉ. ठाकुर मृत्युंजय कुमार सिंह, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. तुलिका रानी, कार्यक्रम प्रबंधक श्री प्रदीप कुमार सिन्हा, क्षेत्रीय समन्वयक श्री सुनील कुमार मधुकर, जिला कार्यक्रम समन्वयक आरिफ हैदर, जिला डाटा प्रबंधक श्रीमती रश्मि आनन्द, सुश्री अंजली कुमारी सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी, बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम किशोरों को सशक्त बनाने और उन्हें स्वस्थ नागरिक बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है।