सरायकेला,24 मार्च: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए भू-अर्जन विभाग के बड़े बाबू प्रीतम आचार्य और कथित दलाल विनय तिवारी को 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी रिंग रोड परियोजना के तहत अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की 1.48 करोड़ रुपये की राशि रिलीज करने के बदले कुल 40 लाख रुपये की डील में शामिल थे, जिसमें यह 5 लाख पहली किस्त थी।
घटना सोमवार को हुई, जब प्रीतम आचार्य सरकारी बैठक छोड़कर रिश्वत लेने बाहर निकले। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम पहले से जाल बिछाए हुए थी। सूत्रों के अनुसार, आचार्य भू-अर्जन कार्यालय में तैनात थे। दलाल विनय तिवारी अपनी गाड़ी में बैठकर पैसे गिन रहा था, तभी टीम ने दोनों को दबोच लिया। पूरे मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने ट्रैप ऑपरेशन चलाकर कार्रवाई की।
एंटी करप्शन ब्यूरो अधिकारियों ने बताया कि शिकायतकर्ता ने रिश्वत की मांग की जानकारी दी थी, जिसके आधार पर टीम ने निगरानी रखी। गिरफ्तारी के समय 5 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की जांच में अधिक खुलासे की उम्मीद है।
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूती देती है। स्थानीय लोगों ने ACB की इस त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है। मामले में प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत FIR दर्ज कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।