रामगढ़, 20 मार्च: विश्व कविता दिवस के अवसर पर रामगढ़ स्थित राधा गोविन्द विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा स्वरचित कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में साहित्यिक अभिरुचि को बढ़ावा देना, उनकी सृजनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा हिंदी भाषा और काव्य परंपरा के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद हिंदी विभाग के विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी स्वरचित कविताओं का प्रभावशाली पाठ प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में प्रेम, प्रकृति, नारी सशक्तिकरण, सामाजिक विषमताएँ, देशभक्ति और मानवीय संवेदनाओं जैसे विभिन्न विषयों पर आधारित रचनाएँ प्रस्तुत की गईं, जिन्हें उपस्थित श्रोताओं और निर्णायकों ने सराहा। प्रतियोगिता में पुण्य कर्ण ने प्रथम, राजकुमार महतो ने द्वितीय तथा नीलम कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी. एन. साह ने अपने संदेश में कहा कि कविता मानव हृदय की गहराइयों से निकली वह अभिव्यक्ति है, जो समाज को संवेदनशील और जागरूक बनाती है। विश्वविद्यालय की सचिव प्रियंका कुमारी ने कहा कि कविता केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि भावनाओं और विचारों का सशक्त माध्यम है। वहीं कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल ने कहा कि कविता समाज का दर्पण होती है और विद्यार्थियों की रचनाएँ उनके चिंतन को प्रतिबिंबित करती हैं। हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मनमीत कौर ने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि कविता आत्मा की आवाज होती है और ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी भावनाएँ अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सत्येन्द्र कुमार एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अंजनी कुमार मिश्र ने किया। यह आयोजन विश्वविद्यालय के साहित्यिक वातावरण को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।