रांची : मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED का बड़ा एक्शन, टेंडर घोटाले में 14 इंजीनियर नए आरोपी

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रांची, 19 मार्च: झारखंड के ग्रामीण कार्य विभाग में हुए बड़े टेंडर कमीशन घोटाले की मनी लॉन्ड्रिंग जांच में प्रवर्तन निदेशालय ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई की है। ED ने 17 मार्च 2026 को रांची की विशेष PMLA अदालत में पांचवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर विभाग के 14 इंजीनियरों और अधिकारियों को नए आरोपी बनाया है।

जांच एजेंसी के अनुसार, इन अधिकारियों ने टेंडर आवंटन के दौरान ठेकेदारों से अवैध कमीशन वसूला, उसे इकट्ठा किया और सीनियर अधिकारियों तक पहुंचाया। यह रकम अपराध से प्राप्त आय मानी जा रही है। पूरे मामले में कुल टेंडर राशि लगभग 3000 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जबकि कमीशन घोटाले की अनुमानित राशि 90 करोड़ रुपये से अधिक है।

चीफ इंजीनियर (रिटायर्ड) सिंगराई टुटी, राजीव लोचन, सुरेंद्र कुमार, प्रमोद कुमार, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर संतोष कुमार, अजय कुमार, अजय तिर्की, राज कुमार टोप्पो, अशोक कुमार गुप्ता, सिद्धांत कुमार, अनिल कुमार (रिटायर्ड), असिस्टेंट इंजीनियर राम पुकार राम, रमेश ओझा (रिटायर्ड), पूर्व अधीक्षण इंजीनियर / इंजीनियर-इन-चीफ उमेश कुमार (रिटायर्ड) इन लोगों को नया आरोपी बनाया गया है।

ED ने बताया कि ये सभी इंजीनियर ग्रामीण कार्य विभाग, ग्रामीण विकास विशेष क्षेत्र और झारखंड राज्य ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण से जुड़े थे। अब इस मामले में कुल आरोपियों की संख्या 36 हो गई है।

यह घोटाला मूल रूप से विभाग में टेंडरों के आवंटन में अनियमितताओं और कमीशनखोरी से जुड़ा है। ED की जांच में पहले भी कई रेड की जा चुकी हैं और बड़ी राशि के कैश, जेवरात तथा संपत्तियां जब्त की गई हैं। मामले में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम का नाम भी पहले आ चुका है, हालांकि इस नवीनतम चार्जशीट में उनका सीधा जिक्र नहीं है।

PMLA की धाराओं 44 और 45 के तहत दाखिल इस चार्जशीट पर विशेष अदालत अब सुनवाई करेगी। ED की जांच अभी जारी है और आगे भी नए सबूतों के आधार पर कार्रवाई हो सकती है।

यह विकास झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ ED की लगातार बढ़ती सक्रियता को दर्शाता है। जनता अब उम्मीद कर रही है कि इस घोटाले के सभी बड़े मास्टरमाइंड्स तक सख्ती से पहुंच बनाई जाए।