रांची, 12 मार्च 2026। झारखंड हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दो अधिकारियों के खिलाफ दर्ज मारपीट के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी है। न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की एकल पीठ ने बुधवार को यह आदेश दिया, जिसमें राज्य पुलिस की जांच पर रोक लगा दी गई है और सभी संबंधित दस्तावेज-साक्ष्य सीबीआई को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह मामला रांची के ईडी जोनल कार्यालय में 12 जनवरी को हुई कथित घटना से जुड़ा है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कर्मचारी संतोष कुमार, जो लगभग 23 करोड़ रुपये के सरकारी धन गबन के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी हैं, ने ईडी अधिकारियों पर आरोप लगाया था कि पूछताछ के दौरान उनसे मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई, धमकियां दी गईं और मानसिक प्रताड़ना की गई। संतोष कुमार ने इसी आधार पर रांची के एयरपोर्ट थाने में ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर प्रतीक और असिस्टेंट एनफोर्समेंट ऑफिसर शुभम भारती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद रांची पुलिस ने ईडी कार्यालय पर छापेमारी की थी, जिसे ईडी ने केंद्र सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप बताया। ईडी अधिकारियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर FIR को रद्द करने या निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को सौंपने की मांग की थी।
कोर्ट ने FIR रद्द करने से इनकार कर दिया, लेकिन मामले की गंभीरता और पक्षपातपूर्ण जांच की आशंका को देखते हुए कहा कि असाधारण परिस्थितियों में स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से जांच जरूरी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह आदेश निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए दिया गया है।
ईडी अधिकारियों ने अदालत को बताया था कि संतोष कुमार बिना समन के खुद ईडी कार्यालय पहुंचे थे और पूछताछ के दौरान उग्र होकर खुद पर पानी का जग मार लिया था, जिससे उन्हें हल्की चोट लगी। उन्हें तुरंत सदर अस्पताल भेजा गया था।
यह फैसला ईडी और झारखंड पुलिस के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद का हिस्सा है। इससे पहले जनवरी में हाई कोर्ट ने पुलिस जांच पर स्टे लगाया था और ईडी कार्यालय की सुरक्षा केंद्रीय बलों को सौंपी थी। अब सीबीआई जांच से मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।