रामगढ़, 9 मार्च 2026: झारखंड के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां छिन्नमस्तिका मंदिर, रजरप्पा में रविवार 8 मार्च 2026 को अप्रत्याशित भीड़ के कारण सुरक्षा व्यवस्था सख्त की गई थी। मुख्य प्रवेश द्वार खोलकर अन्य द्वार बंद कर दिए गए थे और सुबह 6 बजे से जाप-04 के जवानों तथा रजरप्पा थाना के स०अ०नि० प्रकाश चन्द्र मुर्मू की प्रतिनियुक्ति की गई थी।
दोपहर करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच निकास द्वार से एक बुजुर्ग को मानवीय आधार पर प्रवेश की अनुमति दी गई। इसी दौरान जमशेदपुर से आए कुछ श्रद्धालुओं ने निकास द्वार से जबरदस्ती प्रवेश करने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें नियम बताते हुए रोका, जिस पर वे नाराज हो गए और अपशब्द कहने लगे। जब स०अ०नि० प्रकाश चन्द्र मुर्मू ने उन्हें मना किया, तो श्रद्धालुओं में से एक ने उनके कंधे का स्टार नोच दिया और गर्दन पकड़ ली। इसके बाद जाप-04 के आरक्षियों (आ०-228 श्याम लाल महतो, आ०-69 राधेश्याम कुजूर, आ०-686 बहादुर उराँव, आ०-384 जॉनसन सुरीन) और गृहरक्षक सं०-0064 सिकन्दर यादव ने श्रद्धालुओं के साथ हाथापाई की।
घटना की सूचना मिलते ही रामगढ़ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी प्रतिनियुक्त पुलिसकर्मियों को ब्रीफ किया कि श्रद्धालुओं के साथ कोई अमानवीय या अभद्र व्यवहार न किया जाए, अन्यथा अनुशासनिक कार्रवाई होगी।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और घटना की जानकारी के आधार पर एसपी ने गोपनीय ज्ञापांक-1190/गो० दिनांक 9.03.2026 के तहत पुलिस उपाधीक्षक (मु०), रामगढ़ को विस्तृत जांच के निर्देश दिए। जांच में पाया गया कि निकास द्वार से प्रवेश के प्रयास में पुलिस पदाधिकारी को अपशब्द कहे गए, स्टार नोचा गया और गर्दन पकड़ी गई, जिसके बाद हाथापाई हुई।
जांच के बाद चार आरक्षियों (श्याम लाल महतो, राधेश्याम कुजूर, बहादुर उराँव, जॉनसन सुरीन) को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया गया है। गृहरक्षक सिकन्दर यादव को उनके कार्य से विमुक्त किया गया है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है, लेकिन नियमों का पालन अनिवार्य है। मामले की आगे जांच जारी है।