रांची/जमशेदपुर/धनबाद, 9 मार्च 2026: मध्य पूर्व में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनावपूर्ण युद्ध के कारण रसोई गैस की आपूर्ति पर संकट की आशंका से झारखंड के विभिन्न शहरों में लोग घबरा गए हैं। रांची, जमशेदपुर, धनबाद, हजारीबाग सहित कई शहरों में एलपीजी एजेंसियों और गोदामों पर शनिवार-रविवार को लंबी कतारें लगीं। लोग अतिरिक्त सिलेंडर रिफिल करवाने या स्टॉक जमा करने के लिए पहुंचे, जिससे अफरा-तफरी का माहौल रहा।
प्रभात खबर और अन्य स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, रांची के कोकर इलाके और अन्य प्रमुख एजेंसियों पर सुबह से ही भीड़ उमड़ गई। इसी तरह अन्य जिलों में भी लोग युद्ध की अफवाहों और हालिया कीमत वृद्धि से प्रभावित होकर पहले से सिलेंडर बुक करवा रहे हैं। केंद्र सरकार ने घरेलू 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी की है, जिससे रांची में अब कीमत 970.50 रुपये पहुंच गई है। कमर्शियल सिलेंडर में भी 115-120 रुपये तक इजाफा हुआ है।
लोगों में घबराहट के मुख्य कारण होर्मुज जलडमरूमध्य पर युद्ध से प्रभावित होने वाली आयात आपूर्ति, कतर जैसे प्रमुख सप्लायर देशों में उत्पादन प्रभावित होने की खबरें और सबसे ज्यादा हाल ही में सिलेंडर दामों में बढ़ोतरी और 21 दिनों का लॉक-इन पीरियड लागू होने से लोग घबरा गए।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पैनिक बुकिंग रोकने के लिए यह नियम लागू किया है। कई जगहों पर लोग अतिरिक्त सिलेंडर जमा कर रहे हैं, जिससे सामान्य सप्लाई प्रभावित हो रही है।
पेट्रोलियम मंत्रालय और कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक है। रिफाइनरियों को अधिकतम उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया गया है। कोई असल कमी नहीं है, यह ज्यादातर अफवाहों और पैनिक से उपजा है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल जरूरत अनुसार बुकिंग करें और जमा न करें। ऐसा करने पर कार्रवाई हो सकती है।
सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। झारखंड में कांग्रेस, झामुमो और राजद ने केंद्र की भाजपा सरकार पर गरीबों की रसोई पर हमला करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रवक्ताओं ने कहा कि महंगाई से पहले से परेशान आम आदमी पर यह अतिरिक्त बोझ है। वहीं भाजपा ने इसे वैश्विक परिस्थितियों का असर बताया।