रांची, 8 मार्च 2026: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आगामी 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक स्तर पर कमर कस ली है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जिला पर्यवेक्षकों की सूची को तत्काल प्रभाव से मंजूरी प्रदान की है। यह सूची कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के हस्ताक्षर से जारी की गई है।
सूची में झारखंड कांग्रेस के 21 वरिष्ठ नेताओं को विभिन्न जिलों के पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इनमें रामगढ़ के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता शहजादा अनवर का नाम भी प्रमुखता से शामिल है। झारखंड कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह नियुक्ति पार्टी की चुनावी रणनीति को मजबूत बनाने और जमीनी स्तर पर संगठन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की गई है।
अन्य प्रमुख नामों में पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू, प्रदीप बालमुचू, खूंटी से सांसद कालीचरण मुंडा, विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, उप नेता राजेश कच्छप, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, पूर्व सांसद फुरकान अंसारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर और कृषि विपणन परिषद के अध्यक्ष रविंद्र सिंह शामिल हैं।
ये जिला पर्यवेक्षक पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में पार्टी की चुनावी तैयारियों की निगरानी करेंगे। इनकी प्रमुख जिम्मेदारियां होंगी- उम्मीदवारों के चयन में सहयोग, कार्यकर्ताओं का समन्वय, संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना, मतदाता संपर्क अभियान चलाना और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) तथा अन्य दलों के खिलाफ प्रभावी रणनीति तैयार करना।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस पश्चिम बंगाल में अपनी स्थिति सुधारने के लिए झारखंड के अनुभवी नेताओं पर भरोसा जता रही है, क्योंकि झारखंड में पार्टी ने हाल के वर्षों में मजबूत संगठनात्मक आधार बनाया है। शहजादा अनवर जैसे स्थानीय स्तर के प्रभावशाली नेता रामगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में पार्टी की जड़ें मजबूत करने में सक्रिय रहे हैं, और अब उन्हें बंगाल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस इंडिया गठबंधन के तहत टीएमसी के खिलाफ मजबूत चुनौती पेश करने की कोशिश में जुटी है। इस सूची की घोषणा से पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।