रामगढ़, 01 मार्च: जिला समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल की अध्यक्षता में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के संकुल संगठनों एवं उनके कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण महिलाओं के आजीविका संवर्धन, वित्तीय प्रबंधन, सूक्ष्म ऋण व्यवस्था तथा आगामी योजनाओं पर गहन चर्चा हुई।
उप विकास आयुक्त ने संकुल संगठन-वार प्राप्त रिवॉल्विंग फंड एवं सामुदायिक निवेश निधि के उपयोग की बारीकी से जानकारी ली तथा इनके नियमित ऑडिट एवं जांच सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया। लिवलीहुड माइक्रो क्रेडिट प्लान योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रस्ताव तैयार करने, अप्रेजल प्रक्रिया, ऋण स्वीकृति एवं वितरण की समीक्षा की गई। साथ ही, दीदियों द्वारा लिए गए ऋणों के पुनर्भुगतान की अद्यतन स्थिति तथा ऋण के बाद शुरू की गई आजीविका गतिविधियों की जमीनी सत्यापन एवं निरंतर निगरानी की जिम्मेदारी क्लस्टर लेवल फेडरेशन के ओबी सदस्यों को सौंपी गई।
बैठक में जेंडर रिसोर्स सेंटर की कार्यप्रणाली एवं शिकायत निवारण तंत्र की भी समीक्षा हुई। इंटेग्रेटेड फार्मिंग सेंटर के माध्यम से कृषि उत्पादों के संग्रहण, मूल्य संवर्धन एवं बेहतर मार्केटिंग रणनीति अपनाने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि संकुल संगठनों को अधिक लाभ मिले और ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से पूर्णतः आत्मनिर्भर बन सकें।
प्रखंड-विशिष्ट निर्देश देते हुए उप विकास आयुक्त ने गोला प्रखंड में आइएफसी भवन के संचालन हेतु बीडीओ से तत्काल समन्वय स्थापित कर कार्य शुरू करने तथा पतरातू प्रखंड में पंचायत भवन के बंद कक्ष को जीआरपी कार्यालय के रूप में उपयोग में लाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी एसएचजी सदस्यों को एक से अधिक आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने पर बल दिया। संकुल संगठनों द्वारा अपनाई जा रही श्रेष्ठ प्रथाओं की सराहना करते हुए जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया।
बैठक के अंत में सखी मंडल की दीदियों द्वारा तैयार रसायन-मुक्त हर्बल गुलाल उप विकास आयुक्त को भेंट किया गया। श्री आशीष अग्रवाल ने इस पर्यावरण-अनुकूल एवं महिला सशक्तिकरण की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा स्वयं हर्बल गुलाल लगाकर बैठक का समापन किया। यह कदम केमिकल-फ्री होली का संदेश देने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार को बढ़ावा दे रहा है।
बैठक में बीपीओ, बीपीएम, एफटीसी, डीएम, डीएफएम सहित जिले के सभी 21 संकुल संगठनों के ओबी सदस्य उपस्थित रहे। जेएसएलपीएस के ये प्रयास झारखंड में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।