तेहरान/ईरान, 1 मार्च 2026: तेहरान/रांची: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई (86) की मौत की आधिकारिक पुष्टि ईरानी राज्य मीडिया ने रविवार सुबह कर दी है। खामेनेई अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त बड़े हवाई हमलों में शनिवार सुबह तेहरान स्थित अपने आधिकारिक परिसर में शहीद हो गए। ईरानी स्टेट टीवी, सरकारी समाचार एजेंसी IRNA,फार्स न्यूज और तस्नीम ने इसे “शहादत” करार देते हुए घोषणा की कि वे “अपराधी अमेरिका और ज़ायोनी शासन” के क्रूर हमले में शहीद हुए।
ईरानी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के बयान में कहा गया है कि खामेनेई हमले के समय अपने कार्यालय में ड्यूटी पर थे। हमले में उनके परिवार के सदस्यों बेटी, दामाद और पोती की भी मौत की पुष्टि हुई है। ईरान सरकार ने खामेनेई की शहादत पर 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है और पूरे देश में एक सप्ताह की सार्वजनिक छुट्टियां लागू कर दी गई हैं। राज्य टीवी पर प्रसारण के दौरान एंकर भावुक हो गए और खामेनेई को “क्रांति के प्रतीक, जिहाद और प्रतिरोध के महान नेता” बताया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पहले दावा किया था कि खामेनेई मारे गए हैं। उन्होंने लिखा, “खामेनेई इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक था। अब वह मर चुका है।” ट्रंप ने कहा कि हमले ईरान के शासन को बदलने और मध्य पूर्व में शांति लाने के लिए हैं। इज़राइल ने इसे “ऐतिहासिक जीत” बताया और कहा कि दर्जनों बम गिराए गए, जिसमें आईआरटीसी के कई शीर्ष कमांडर भी मारे गए।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सभी अमेरिकी और इज़राइली संपत्तियां निशाने पर हैं और “बड़ा बदला” लिया जाएगा। क्षेत्र में तनाव चरम पर है। कई देशों ने सीमाएं बंद कर दी हैं और वैश्विक तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।
आयतुल्लाह खामेनेई 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर थे। उनके शासन में ईरान ने परमाणु कार्यक्रम को मजबूत किया, क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ाया और अमेरिका-इज़राइल विरोधी नीति को सख्ती से लागू किया। उनकी मौत से ईरान में उत्तराधिकार का गहरा संकट पैदा हो गया है, क्योंकि कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी सामने नहीं आया है।
दुनिया भर की नजरें अब ईरान की अगली सरकार, संभावित बड़े युद्ध और मध्य पूर्व की स्थिति पर टिकी हुई हैं। स्थिति तेजी से बदल रही है और क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।