ईरान-इजराइल युद्ध में फंसे बिहार-झारखंड के हजारों मजदूर, खाड़ी देशों में मिसाइल हमले सभी उड़ानें रद्द

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पटना/रांची, 1 मार्च 2026: अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमलों और ईरान की जवाबी मिसाइल कार्रवाई से पश्चिम एशिया में युद्ध का माहौल है। इस संघर्ष का सबसे ज्यादा असर खाड़ी देशों  में काम करने वाले भारतीय मजदूरों पर पड़ रहा है, जिनमें बिहार और झारखंड के लाखों लोग शामिल हैं। संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब में सबसे अधिक बिहारी-झारखंडी मजदूर रोजगार के लिए गए हैं, लेकिन एयरस्पेस बंद, फ्लाइट्स रद्द और धमाकों की खबरों से वे फंस गए हैं।

बिहार से करीब 76 हजार से अधिक लोग खाड़ी में कार्यरत हैं। पटना एयरपोर्ट पर 50 से ज्यादा यात्री दुबई-कतर जाने से चूक गए, क्योंकि उड़ानें कैंसल हो गईं। मुजफ्फरपुर के दर्जनों लोग ईरान में फंसे हैं, जहां हमले सबसे तेज हैं। परिजन टीवी और फोन पर लगातार संपर्क में हैं, मंदिर-मस्जिदों में दुआएं मांग रहे हैं। एक मजदूर के परिजन ने बताया, “धमाके सुनकर रातों की नींद उड़ी हुई है।” जदयू नेता संजय झा ने भी चिंता जताई कि खाड़ी से लगातार फोन आ रहे हैं।

झारखंड के मजदूर भी दुबई-अबू धाबी में बड़े पैमाने पर हैं। युद्ध से पहले शोषण के मामले थे, अब निकासी मुश्किल हो गई है। कुल मिलाकर गल्फ में 90 लाख से अधिक भारतीय काम करते हैं, जिनमें बिहार-झारखंड का बड़ा हिस्सा है।

भारतीय दूतावासों ने एडवाइजरी जारी की है- सतर्क रहें, बाहर न निकलें। विदेश मंत्रालय का 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध लंबा चला तो रेमिटेंस और मजदूरों की आमदनी पर गहरा असर पड़ेगा। सरकार सुरक्षित निकासी की योजना पर काम कर रही है।