रामगढ़, 28 फरवरी 2026: राधा गोविंद विश्वविद्यालय, रामगढ़ में आज ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026’ के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय था- “विज्ञान में महिलाएँ: विकसित भारत को उत्प्रेरित करती हुई”।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, उनकी उपलब्धियों तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना था। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के शिक्षकगण, छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में उत्साह के साथ भाग लिया।
विशेषज्ञ वक्ताओं ने विज्ञान, अनुसंधान, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, ऊर्जा तथा नवाचार जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी.एन. साह ने अपने संबोधन में कहा, “राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हमें महान वैज्ञानिकों के योगदान को याद करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अनुसंधान एवं नवाचार की ओर प्रेरित करने का अवसर देता है। विज्ञान में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी विकसित भारत की आधारशिला है।”
कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, शोध भावना तथा सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना है।
सचिव प्रियंका कुमारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महिला वैज्ञानिक न केवल अनुसंधान को नई दिशा प्रदान कर रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में भी अहम भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन संबोधन विभागाध्यक्ष डॉ. अवनीश कुमार ने दिया तथा उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। इंजीनियरिंग के व्याख्याता विनय प्रकाश चौधरी ने विज्ञान के महत्व पर अपना विचार रखा।
इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार, इंजीनियरिंग संकाय के विभिन्न विभागों के व्याख्याता तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि जगाने तथा महिलाओं की वैज्ञानिक उपलब्धियों को सम्मान देने का संदेश दिया। राधा गोविंद विश्वविद्यालय निरंतर ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को प्रेरित कर रहा है।