अररिया, 26 फरवरी 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के सीमांचल क्षेत्र में तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन गुरुवार को नेपाल सीमा से सटे अररिया जिले के लेट्टी बॉर्डर आउट पोस्ट में सशस्त्र सीमा बल के कार्यक्रम के दौरान बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा से 10 किलोमीटर अंदर तक के क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण और कब्जे हटाने का विशेष अभियान तुरंत शुरू किया जाएगा। घुसपैठियों को चुन-चुनकर पहचानकर देश से बाहर निकालने का ऑपरेशन चलाया जाएगा।
शाह ने स्पष्ट किया कि यह कोई चुनावी वादा नहीं, बल्कि मोदी सरकार का दृढ़ संकल्प है। उन्होंने कहा, “बिहार की जनता से मैंने वादा किया था कि हम पूरे सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त करेंगे। अब समय आ गया है। सीमा से 10 किमी के दायरे में जितने भी अवैध निर्माण और अतिक्रमण हैं, उन्हें ध्वस्त किया जाएगा। इसके बाद घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें भारत से बाहर भेजा जाएगा।”
गृह मंत्री ने बताया कि अगले तीन दिनों में केंद्र सरकार, बिहार सरकार, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, एसएसबी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ विस्तृत बैठकें कर एक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इस प्लान में सीमा सुरक्षा को मजबूत करने, अवैध तस्करी पर नकेल कसने और जनसांख्यिकीय बदलाव रोकने के लिए बहुस्तरीय रणनीति शामिल होगी।
शाह ने एसएसबी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करें, ताकि ट्रेनिंग स्तर से ही जवानों को बेहतर रणनीति मिल सके। उन्होंने ‘वाइब्रेंट विलेजेज’ कार्यक्रम को बढ़ावा देने, सीमा पर नई चौकियां स्थापित करने और स्थानीय लोगों से बेहतर संवाद पर भी जोर दिया।
यह दौरा न केवल सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि पड़ोसी पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में भी राजनीतिक मायने रखता है। सीमांचल के जिलों में खुली सीमा के कारण घुसपैठ, तस्करी और डेमोग्राफी में बदलाव की शिकायतें लंबे समय से आ रही हैं।
दौरे के पहले दिन किशनगंज में लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद शाह ने आज अररिया में एसएसबी के 52वीं बटालियन के नए भवन का उद्घाटन किया और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। दौरे का अंतिम दिन पूर्णिया में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ समाप्त होगा।
अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान नक्सल-मुक्त भारत की तर्ज पर ‘घुसपैठ-मुक्त सीमांचल’ का मिशन बन सकता है। स्थानीय लोग इसे सुरक्षा और विकास के लिए सकारात्मक कदम मान रहे हैं।