रांची, 16 फरवरी: झारखंड की राजनीति में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बड़ा उलटफेर देखने को मिला। झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री एवं तीन बार के विधायक दुलाल भुइयां ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित भव्य मिलन समारोह में उन्होंने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू तथा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दुलाल भुइयां को पार्टी का पटका पहनाकर और माला पहनाकर हार्दिक स्वागत किया। इस मौके पर भुइयां समाज के बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जिनमें उनके पुत्र विप्लव भुइयां, दिलीप भुइयां और समाज के अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
सदस्यता ग्रहण के बाद दुलाल भुइयां ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर मैं यहां आया हूं। अब मैं जीवन पर्यंत भाजपा में रहूंगा और पार्टी कभी नहीं छोड़ूंगा।” उन्होंने झामुमो पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के समय यह संघर्ष की पार्टी थी, लेकिन अब यह हेमंत सोरेन की जेब की पार्टी बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में उन्हें और उनके समर्थकों को कोई सम्मान नहीं मिल रहा था।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि तीन बार के विधायक और पूर्व मंत्री रहे दुलाल भुइयां जी भाजपा की विचारधारा में पूर्ण विश्वास रखते हैं। उन्होंने जोर दिया कि भाजपा दलित, आदिवासी और पिछड़े समाज को सम्मान एवं न्याय दे रही है। पार्टी का लक्ष्य शोषित-वंचित वर्गों के चेहरे पर मुस्कान लाना है।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भावुक होते हुए कहा, “शबरी माता के वंशज भुइयां समाज के लोग राम के आदर्शों पर चलने वाली रामभक्तों की पार्टी भाजपा में शामिल हो रहे हैं। उनका हार्दिक स्वागत है।” उन्होंने कहा कि राज्य के विकास की लड़ाई अभी अधूरी है और भाजपा इसे पूरा करेगी।
दुलाल भुइयां जुगसलाई विधानसभा से तीन बार विधायक रह चुके हैं और विभिन्न विभागों में मंत्री का पद संभाल चुके हैं। उनकी यह घटना झामुमो के लिए बड़ा राजनीतिक झटका मानी जा रही है, खासकर आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले। भाजपा नेताओं ने इसे दलित-आदिवासी समाज के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया है। इस शामिल होने से सरायकेला-खरसांवा और आसपास के इलाकों में भाजपा की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।