राधा गोविन्द विश्वविद्यालय में ग्लास पेंटिंग कार्यशाला का आयोजन, छात्रों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा

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रामगढ़, 14 फरवरी 2026: राधा गोविन्द विश्वविद्यालय, रामगढ़ के शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को विकसित करने और उनकी छिपी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से एक दिवसीय ग्लास पेंटिंग कार्यशाला का सफल आयोजन किया। यह कार्यक्रम 13 फरवरी 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें बी.एड. एवं डी.एल.एड. के प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।

कार्यशाला में छात्र-छात्राओं ने ग्लास पेंटिंग के माध्यम से अपनी कल्पनाशक्ति, रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने रंग-बिरंगे आकर्षक डिजाइनों से कांच की नाजुक सतह पर अद्भुत कलाकृतियां तैयार कीं, जिन्होंने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में पी.एम. केंद्रीय विद्यालय, रामगढ़ कैंट के भोला करमाली उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों को ग्लास पेंटिंग की तकनीक और बारीकियों से अवगत कराया।

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी.एन. साह ने प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए कहा, “इस प्रकार की कार्यशालाएं रचनात्मकता को निखारने, मानसिक शांति प्राप्त करने तथा कांच जैसी नाजुक सतहों पर अनूठी कलाकृतियां सृजित करने का एक अद्वितीय मंच प्रदान करती हैं। छात्रों ने अपनी प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया है।”

सचिव प्रियंका कुमारी ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कुलपति प्रो.(डॉ.) रश्मि ने इस कला को तनावमुक्त करने वाली तथा घर को व्यक्तिगत एवं कलात्मक स्पर्श देने वाली बताया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो.(डॉ.) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो.(डॉ.) अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार, समाजसेवी सी.पी. संतन सहित शिक्षा विभाग के डॉ. अंजू तिवारी, डॉ. अमरेश कुमार पांडेय, डॉ. उमेश चंद्र महतो, डॉ. अनामिका कुमारी, डॉ. रंजना पांडेय, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. शालिनी कुमारी और डॉ. राकेश रंजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की मुख्य समन्वयक शिक्षा विभाग की व्याख्याता अर्चना राणा रहीं। शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं के सक्रिय सहयोग से यह कार्यशाला पूर्णतः सफल रही और इसमें चार चांद लगा दिए गए।

यह आयोजन विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा नियमित रूप से आयोजित होने वाली रचनात्मक गतिविधियों की श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ, जो छात्रों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ कलात्मक कौशल प्रदान करता है।