निकाय चुनाव में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग, आदित्य साहू ने राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपा ज्ञापन

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रांची, 14 फरवरी 2026: झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने आगामी शहरी निकाय चुनावों को पूरी तरह निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग से केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और अपराधियों के दबदबे के चलते राज्य पुलिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता, इसलिए मतदान से मतगणना तक संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील बूथों पर केंद्रीय बलों की अनिवार्य तैनाती होनी चाहिए।

आदित्य साहू के नेतृत्व में भाजपा का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी से मिला और एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कुमार राय, प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर, सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक, विधि प्रकोष्ठ संयोजक सुधीर श्रीवास्तव सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारी शामिल थे।

ज्ञापन में भाजपा ने आरोप लगाया कि झारखंड में झामुमो-कांग्रेस सरकार के बजाय अपराधियों की समानांतर सरकार चल रही है। हाल की घटनाओं जैसे रांची कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, खुले आम हथियार लहराने वाले अपराधी और बढ़ते अपराध दर रांची में 47% वृद्धि का हवाला देते हुए कहा गया कि भय के माहौल में निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं। भाजपा ने मांग की है कि सभी 4300+ बूथों पर सीसीटीवी लगाए जाएं, विशेष निगरानी हो और केंद्रीय गृह मंत्रालय से बल मंगवाए जाएं।

आदित्य साहू ने प्रेस वार्ता में कहा, “झारखंड में अपराधियों का तांडव चल रहा है। हेमंत सरकार जनता की सुरक्षा करने में असफल है। यदि प्रशासन विफल रहता है, तो भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर जनता की रक्षा करेंगे। निकाय चुनाव में हार के डर से सत्ताधारी दल पहले से अनियमितताएं कर रहा है।”

वहीं, झारखंड कांग्रेस ने इस मांग को खारिज कर दिया। प्रदेश प्रवक्ता सोनाल शांति ने कहा कि भाजपा में निकाय चुनाव से पहले ही हार की हताशा झलक रही है। उन्होंने मांग को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि एक ओर केंद्र झारखंड को नक्सल मुक्त बताकर केंद्रीय बल कम कर रहा है, वहीं भाजपा शहरी चुनाव में इन्हें मांग रही है। कांग्रेस ने दावा किया कि राज्य निर्वाचन आयोग पूरी तरह स्वतंत्र है और आरोप बेबुनियाद हैं।

झारखंड में 48 नगर निकायों के लिए चुनाव 23 फरवरी को मतदान और 27 फरवरी को मतगणना प्रस्तावित है। भाजपा की यह मांग राज्य में राजनीतिक तापमान बढ़ाने वाली साबित हो रही है।