रांची, 14 फरवरी 2026: झारखंड की सियासत में हलचल मच गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री के.एन. त्रिपाठी ने दावा किया है कि सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा, इंडिया गठबंधन छोड़कर भाजपा-एनडीए के साथ हाथ मिला चुकी है और निकाय चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में नई सरकार बन जाएगी।
त्रिपाठी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “झारखंड में झामुमो अब भाजपा के साथ मिल चुकी है। मेरे सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस डील को हरी झंडी दे दी है। डील फाइनल हो चुकी है। नगर निकाय चुनाव के बाद 15-20 दिनों में बड़ा राजनीतिक बदलाव दिखेगा और सरकार बदल जाएगी।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में नगर निकाय चुनाव का दौर चल रहा है। चुनाव गैर-दलीय आधार पर हो रहे हैं, लेकिन झामुमो, कांग्रेस और भाजपा ने अलग-अलग उम्मीदवारों को समर्थन दिया है। सत्ताधारी गठबंधन के दो प्रमुख दल कई निकायों में आमने-सामने हैं, जिससे गठबंधन में तनाव साफ नजर आ रहा है।
त्रिपाठी ने आगे कहा कि झामुमो अपराधियों को संरक्षण दे रही है और अब भाजपा के साथ नई सियासी राह अपनाने की तैयारी में है। उन्होंने इसे “सत्ता परिवर्तन” का संकेत बताया।
हालांकि, इस दावे की झामुमो, भाजपा या अमित शाह की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। झामुमो के कुछ नेताओं ने ऐसे कयासों को सिरे से खारिज किया है। वे कहते हैं कि जब हेमंत सोरेन जेल में थे, तब भी झामुमो ने भाजपा से समझौता नहीं किया, तो अब क्यों करेगी। भाजपा ने भी अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान निकाय चुनाव के दौरान सियासी माहौल को गरमाने, कांग्रेस-झामुमो के बीच मतभेदों को उभारने और गठबंधन में दरार दिखाने की कोशिश हो सकती है। निकाय चुनाव के नतीजे आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी, लेकिन फिलहाल सरकार बदलने की कोई ठोस संभावना नहीं दिख रही है।