संयुक्त मोर्चा का रामगढ़ में हड़ताल का ऐलान, देश के सभी कोयला क्षेत्र ठप होने की आशंका

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रामगढ़ (झारखंड), 12 फरवरी 2026: केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम लेबर कोड के विरोध में संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा ने आज देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। रामगढ़ जिले के कोयला क्षेत्रों, विशेष रूप से रजरप्पा परियोजना, अरगड्डा क्षेत्र और सीसीएल की विभिन्न कोलियरियों में मजदूरों ने हड़ताल में पूर्ण भागीदारी की अपील की है।

संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने इन चार श्रम कोड को “मजदूर विरोधी” और “काला कानून” करार देते हुए कहा कि ये कानून नौकरी की सुरक्षा, काम के घंटों, यूनियन अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा को गंभीर रूप से कमजोर करते हैं। ये निजी मालिकों के फायदे में लाए गए हैं, जिससे मजदूरों को “गुलाम” बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

रजरप्पा क्षेत्र में सोमवार को आयोजित बैठक में हड़ताल को सफल बनाने की विस्तृत रणनीति तैयार की गई। नेताओं ने बताया कि 10 फरवरी से 11 फरवरी तक खुली खदान, कोल वाशरी, वेश वर्कशॉप, सिल्वर जुबली अस्पताल और महाप्रबंधक कार्यालय सहित सभी इकाइयों में पिट मीटिंग और गेट मीटिंग के जरिए मजदूरों को जागरूक किया गया। मोर्चा का स्पष्ट संदेश है कि यदि सरकार इन कोड को वापस नहीं लेती, तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा।

रामगढ़ के अलावा झारखंड के अन्य कोयला क्षेत्रों जैसे धनबाद, बोकारो और गिरिडीह में भी यूनियनों ने हड़ताल का समर्थन किया है। कोल इंडिया लिमिटेड के मजदूरों में हड़ताल का व्यापक असर दिख रहा है, जिससे कोयला उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।

देशव्यापी स्तर पर 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने इस हड़ताल का आह्वान किया है, जिसमें किसान संगठन भी शामिल हैं। यूनियनों का दावा है कि करीब 30 करोड़ मजदूर इसमें भाग लेंगे। रामगढ़ में संयुक्त मोर्चा ने मजदूरों से अपील की है कि वे इस “ऐतिहासिक हड़ताल” में सक्रिय भागीदारी करें और मजदूर हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहें।

यदि हड़ताल सफल रही तो कोयला खदानों, परिवहन और संबंधित उद्योगों पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।