ढाका/रांची, 12 फरवरी 2026: बांग्लादेश आज एक ऐतिहासिक दिन का गवाह बन रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के 15 साल के शासन के अंत के बाद पहला संसदीय चुनाव आज सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ है। यह चुनाव छात्र-नेतृत्व वाली 2024 की जुलाई क्रांति के बाद देश की लोकतांत्रिक वापसी का बड़ा परीक्षण है। उनकी पार्टी अवामी लीग को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
मतदान शाम 4:30 बजे तक चलेगा। देशभर में 42,779 मतदान केंद्रों पर लगभग 12.77 करोड़ पंजीकृत मतदाता 299 संसदीय सीटों के लिए 1,981 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कर रहे हैं। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सेना और पुलिस बल तैनात हैं। मतदान सुचारू रूप से चल रहा है और चुनाव आयोग ने इसे स्वतंत्र व निष्पक्ष बताया है।
मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन के बीच है। ओपिनियन पोल में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी को बढ़त दिख रही है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी प्रमुख तारिक रहमान ने ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल में वोट डालते हुए कहा कि देश में साजिशों को रोकने के लिए वोट करें। उन्होंने कुछ अप्रत्याशित घटनाओं का जिक्र भी किया।
जमात-ए-इस्लामी गठबंधन में छात्र क्रांति से जुड़ी नेशनल सिटिजन्स पार्टी भी शामिल है। दोनों पूर्व सहयोगी अब प्रतिद्वंद्वी बन चुके हैं।
अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस ने इसे “आजादी का दिन” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की नई शुरुआत है। साथ ही आज ही संवैधानिक सुधारों पर राष्ट्रीय जनमत संग्रह भी हो रहा है। इसमें प्रधानमंत्री के दो कार्यकाल की सीमा, संसद को द्विसदनीय बनाना और न्यायपालिका की स्वतंत्रता जैसे महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं। यूनुस ने कहा कि यह रेफरेंडम देश को बदलने में खास तौर पर अहम है।
कुछ जगहों पर घटनाएं भी सामने आई हैं। शेख हसीना के गढ़ गोपालगंज में क्रूड बम विस्फोट से तीन लोग घायल हुए। ढाका में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जमात समर्थकों के बीच झड़पों की खबरें हैं। एक निर्वाचन क्षेत्र में उम्मीदवार की मौत के कारण मतदान रद्द कर दिया गया।
परिणाम कल 13 फरवरी को आने की उम्मीद है। मतदाताओं की लंबी कतारें और उत्साह दिखा रहा है कि बांग्लादेश नई राजनीतिक व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। यह चुनाव Gen Z की आवाज को निर्णायक भूमिका दे रहा है।