राधा गोविंद विश्वविद्यालय में ‘सेफर इंटरनेट डे’ पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित  

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एआई डिजिटल परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन चुका है: कुलाधिपति बी.एन. साह

रामगढ़, 11 फरवरी 2026। राधा गोविंद विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी ने वैश्विक ‘सेफर इंटरनेट डे 2026’ के अवसर पर मंगलवार को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस वर्ष का विषय “स्मार्ट टेक, सुरक्षित विकल्प- एआई के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग की खोज” रहा, जिसके अंतर्गत कार्यक्रम का मुख्य फोकस कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नैतिक, सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग पर रहा।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को डिजिटल युग की चुनौतियों से अवगत कराना और उन्हें सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इसमें एआई की बढ़ती भूमिका, डेटा गोपनीयता, साइबर अपराध, डीपफेक, फेक न्यूज़ और डिजिटल सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षकगण और छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्ण भागीदारी की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलाधिपति बी.एन. साह ने कहा, “डिजिटल युग में एआई परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन चुका है। ऐसे समय में विद्यार्थियों के लिए अत्यंत आवश्यक है कि वे तकनीक का उपयोग समझदारी, नैतिकता और जिम्मेदारी के साथ करें, ताकि यह समाज के लिए लाभकारी सिद्ध हो।”

सचिव प्रियंका कुमारी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों और प्रतिभागियों को बधाई दी। कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम छात्रों को वैश्विक तकनीकी परिवर्तनों से जोड़ते हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।

विभागाध्यक्ष डॉ. अवनीश कुमार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और संचालन किया। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार, इंजीनियरिंग संकाय के व्याख्याता तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

यह कार्यक्रम भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की सूचना सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता  के प्रोजेक्ट के तहत मनाए जा रहे राष्ट्रव्यापी ‘सेफर इंटरनेट डे’ अभियान का हिस्सा रहा, जो एआई के जिम्मेदार उपयोग पर विशेष जोर देता है। विश्वविद्यालय ने इस तरह की पहल से छात्रों में डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया है।