रांची, 10 फरवरी: झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने आगामी नगर निकाय चुनावों में पार्टी अनुशासन को सख्ती से लागू करने का संकल्प लिया है। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल बागी नेताओं पर त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जबकि राजधानी रांची के मेयर पद पर मजबूत जीत हासिल करने के लिए संगठन स्तर पर पूरी ताकत झोंक दी गई है।
प्रदेश कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर निकाय चुनाव में पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ मैदान में उतरे बागी नेताओं पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। दो बागी नेताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि आधा दर्जन अन्य नेताओं को कड़ी चेतावनी जारी की गई है।
मानगो नगर निगम में बागी नेत्री जेबा खान को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित किया गया है। उन्होंने कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी सुधा गुप्ता पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी के खिलाफ नामांकन दाखिल किया था। पार्टी ने निर्देश दिए हैं कि नामांकन वापस न लेने वाले बागियों पर आगे भी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
दूसरी ओर, रांची मेयर चुनाव में कांग्रेस ने पूर्व मेयर एवं झारखंड महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रमा खलखो को अपना समर्थित उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने हाल ही में नामांकन दाखिल किया और ‘बेंच’ चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रही हैं। रांची सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी ने चार मंत्रियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। इन मंत्रियों को चुनावी रणनीति तैयार करने, जनसंपर्क अभियान चलाने तथा कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का दायित्व दिया गया है।
यह चुनाव गैर-दलीय आधार पर हो रहा है, लेकिन राजनीतिक दलों का अप्रत्यक्ष समर्थन स्पष्ट दिख रहा है। रांची में मुकाबला त्रिकोणीय नजर आ रहा है कांग्रेस समर्थित रमा खलखो, भाजपा समर्थित रोशनी खलखो और झामुमो समर्थित सुजीत आनंद विजय कुजूर के बीच। झामुमो ने कांग्रेस उम्मीदवार को हटने की सलाह दी है, लेकिन कांग्रेस ने इसे ठुकरा दिया है।
झारखंड में नगर निकाय चुनाव 23 फरवरी को होंगे, जबकि मतगणना 27 फरवरी को होगी। कांग्रेस की यह सख्ती और केंद्रित रणनीति से लगता है कि पार्टी रांची सहित प्रमुख नगर निकायों में मजबूत प्रदर्शन करने के मूड में है।