सीएम हेमंत सोरेन हुए शामिल, मंच से उठी दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग
धनबाद, 5 फरवरी 2026: झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कल अपने स्थापना के 54वें वर्षगांठ पर धनबाद के ऐतिहासिक रणधीर वर्मा स्टेडियम में भव्य समारोह आयोजित किया। यह पहला अवसर था जब पार्टी के संस्थापक एवं ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन की अनुपस्थिति में स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में झारखंड के मुख्यमंत्री एवं झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया।
झामुमो की स्थापना 4 फरवरी 1973 को धनबाद में ही हुई थी, इसलिए इस स्थान पर आयोजित समारोह का विशेष महत्व रहा। पार्टी कार्यकर्ताओं, आदिवासी समुदाय के लोगों और नेताओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। समारोह की शुरुआत पार्टी ध्वजारोहण से हुई, जिसमें दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संबोधन में पार्टी के संघर्ष, झारखंड आंदोलन की विरासत और राज्य के विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि झामुमो ने झारखंड को अलग राज्य बनाने के लिए लंबा संघर्ष किया और अब सशक्त, आत्मनिर्भर झारखंड बनाने का संकल्प लिया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्य के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य को कमजोर करने की साजिश रची गई है, लेकिन पार्टी अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेगी।
कार्यक्रम में एक प्रमुख मांग उठी- दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने की। मंच से कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इस मांग को जोरदार तरीके से उठाया, क्योंकि शिबू सोरेन ने आदिवासियों, वंचितों और झारखंड आंदोलन के लिए अतुलनीय योगदान दिया है। हाल ही में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था, लेकिन झामुमो और आदिवासी समुदाय इसे अपर्याप्त मानते हुए भारत रत्न की मांग कर रहे हैं।
समारोह में मंत्री हफीजुल हसन, सुदिव्य सोनू सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। धनबाद शहर को बैनर-पोस्टरों से सजाया गया था और उत्साह का माहौल रहा। यह कार्यक्रम झामुमो की एकजुटता और भविष्य की लड़ाई का प्रतीक बना।