रांची, 29 जनवरी: राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर निकाय निर्वाचन-2026 की अधिसूचना जारी होते ही राजधानी रांची में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। सदर अनुमंडल दंडाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। यह निषेधाज्ञा चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगी, ताकि चुनाव निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त तरीके से संपन्न हो सके।
रांची नगर निगम क्षेत्र में कुल 53 वार्ड हैं, जहां लगभग 10 लाख 27 हजार मतदाता 23 फरवरी को मतदान करेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अशांति या गड़बड़ी को रोकने के लिए उठाया गया है।
अब पांच या इससे अधिक व्यक्तियों का एक साथ एकत्रित होना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी व्यक्ति हथियार, लाठी-डंडा, चाकू या अन्य कोई खतरनाक वस्तु लेकर सार्वजनिक स्थानों पर नहीं घूम सकेगा। बिना पूर्व अनुमति के कोई जुलूस, रैली, प्रदर्शन, धरना या सभा आयोजित नहीं की जा सकेगी। लाउडस्पीकर, माइक आदि का उपयोग बिना अनुमति के वर्जित रहेगा। चुनाव विरोधी गतिविधियां, अफवाह फैलाना या किसी भी प्रकार की उकसावे वाली सामग्री का प्रसार सख्ती से रोका जाएगा।
यदि किसी राजनीतिक दल, संगठन या प्रत्याशी को सभा, जुलूस या अन्य कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता हो, तो सदर अनुमंडल दंडाधिकारी या संबंधित मजिस्ट्रेट से पूर्व अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति या समूह के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही रांची नगर निगम क्षेत्र सहित पूरे राज्य के 48 नगर निकायों में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। आचार संहिता के तहत 23 फरवरी तक सरकारी योजनाओं की नई घोषणा, शिलान्यास, लोकार्पण, ट्रांसफर-पोस्टिंग, नई नियुक्तियां या टेंडर जारी करने पर रोक रहेगी।
रांची में इस बार मेयर पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है, जिससे राजनीतिक दलों में जोरदार तैयारी चल रही है। प्रशासन ने सभी नागरिकों, राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया में सहयोग दें।