ट्रेन लेट होने से नीट परीक्षा छूटी, छात्रा ने रेलवे पर ठोका केस, 9 लाख 10 हजार का हर्जाना देने का आदेश 

Spread the News

बस्ती(उत्तर प्रदेश), 27 जनवरी: ट्रेन की लेट-लतीफी से महत्वपूर्ण परीक्षा छूट जाने पर एक छात्रा ने भारतीय रेलवे के खिलाफ लंबी कानूनी लड़ाई लड़कर जीत हासिल की है। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने रेलवे को छात्रा समृद्धि को 9 लाख 10 हजार रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया है।

कोतवाली थाना क्षेत्र के पिकौरा बक्स मोहल्ले की रहने वाली समृद्धि नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। उनका परीक्षा केंद्र लखनऊ के जयनारायण पीजी कॉलेज में था। ट्रेन का निर्धारित पहुंचने का समय सुबह 11 बजे था, लेकिन ट्रेन ढाई घंटे लेट हो गई। परीक्षा में शामिल होने के लिए 12:30 बजे तक पहुंचना अनिवार्य था, लेकिन देरी के कारण पेपर छूट गया। इससे छात्रा का पूरा साल बर्बाद होने का खतरा पैदा हो गया।

आहत समृद्धि ने इस लापरवाही को सेवा में कमी मानते हुए उपभोक्ता फोरम में मुकदमा दायर किया। कई साल चले इस केस में रेलवे को नोटिस भेजा गया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आयोग के अध्यक्ष अमरजीत वर्मा और सदस्य अजय प्रकाश सिंह ने छात्रा के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने रेलवे की देरी को दोषी ठहराते हुए मानसिक पीड़ा, भविष्य के नुकसान और साल बर्बाद होने को ध्यान में रखते हुए भारी भरकम हर्जाना लगाया।

यह फैसला उन यात्रियों के लिए राहत की बात है, जिन्हें ट्रेन की देरी से बड़ा नुकसान होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे को समय पर सेवा देने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए, अन्यथा उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत मुआवजा मिल सकता है।