पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड के विरोध में झारखंड बंद

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रांची, 17 जनवरी 2026: खूंटी जिले में आदिवासी नेता एवं पारंपरिक पड़हा राजा सोमा मुंडा की क्रूर हत्या के विरोध में आज पूरे झारखंड में राज्यव्यापी बंद का असर देखा जा रहा है। आदिवासी समन्वय समिति, आदिवासी एकता मंच, आदिवासी महासभा, केंद्रीय सरना समिति, झारखंड पार्टी सहित 20 से अधिक संगठनों द्वारा बुलाए गए इस बंद को व्यापक समर्थन मिला है।

7 जनवरी 2026 को खूंटी के जमुआदाग क्षेत्र में सोमा मुंडा को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वे एदेल संगा पड़हा के उत्तराधिकारी के साथ-साथ 22-56 गांवों के पारंपरिक मुखिया और अबुआ झारखंड पार्टी के प्रमुख नेता भी थे। उन्होंने 2024 विधानसभा चुनाव में खूंटी सीट से भाग लिया था। पुलिस जांच में हत्या का कारण 3.16 एकड़ जमीन विवाद सामने आया, जहां नवंबर में भूमि समतलीकरण और सीमा चिन्ह हटाए जाने का उन्होंने विरोध किया था।

खूंटी पुलिस ने 13 जनवरी को 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें पालकोट राज परिवार से जुड़े लोग शामिल हैं, लेकिन मुख्य शूटर और भू-माफिया साजिशकर्ता अभी फरार हैं। संगठन इसे “खानापूर्ति” बता रहे हैं और मुख्य दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को मुआवजा, सुरक्षा तथा निर्दोषों को फंसाने से रोकने की मांग कर रहे हैं।

कल रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक भव्य मशाल जुलूस निकाला गया। बंद शांतिपूर्ण रखने की अपील की गई है; मेडिकल सेवाएं, एम्बुलेंस और स्कूल बसों को छूट दी गई है। खूंटी में 42 दंडाधिकारी तैनात हैं।

आदिवासी समन्वय समिति के अध्यक्ष चंद्र प्रभात मुंडा ने कहा, “सोमा मुंडा जल-जंगल-जमीन के रक्षक थे। उनकी हत्या आदिवासी अस्मिता पर हमला है।” यह बंद आदिवासी समाज के गहरे आक्रोश और न्याय की लड़ाई का प्रतीक है। मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रहेगा।