रांची, 16 जनवरी 2026: झारखंड की राजधानी में प्रवर्तन निदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालय में बड़ा विवाद खड़ा हो गया। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पूर्व क्लर्क संतोष कुमार द्वारा ईडी अधिकारियों पर मारपीट का आरोप लगाने के बाद एयरपोर्ट थाना पुलिस ने गुरुवार सुबह भारी बल के साथ दफ्तर पहुंचकर जांच शुरू की। यह घटना पश्चिम बंगाल के आई-पैक मामले के बाद केंद्र-राज्य टकराव की नई कड़ी मानी जा रही है।
संतोष कुमार अपर चुटिया निवासी ने आरोप लगाया कि 12 जनवरी को ईडी कार्यालय में पूछताछ के दौरान सहायक निदेशक प्रतीक और सहायक शुभम ने उन पर दबाव बनाया। इनकार करने पर गाली-गलौज, लाठी से हमला किया, सिर फोड़ा और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। चोट से सदर अस्पताल में छह टांके लगे। उन्होंने एयरपोर्ट थाने में कांड संख्या 05/2026 दर्ज कराई, जिसमें धारा 115(2), 117(2), 127(2) आदि के तहत मामला दर्ज हुआ।
पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच की। सदर डीएसपी और सिटी एसपी के साथ एफएसएल टीम भी पहुंची। सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल तैनात किया गया, जिससे दफ्तर के आसपास हंगामा मचा।
ईडी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संतोष को कोई समन नहीं जारी किया गया था, वे खुद आए थे और चोट खुद लगाई। एजेंसी ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर एफआईआर रद्द करने, जांच रोकने और सीबीआई जांच की मांग की। सुनवाई 16 जनवरी को होगी।
इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने इसे साक्ष्य नष्ट करने की साजिश बताया और केंद्र से हस्तक्षेप मांगा। वहीं, राज्य सरकार इसे जांच का हिस्सा बता रही है। यह मामला झारखंड में ईडी की कई जांचों को प्रभावित कर सकता है।