रांची, 16 जनवरी: रांची के धुर्वा इलाके से 2 जनवरी को लापता हुए दो मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका की 12-13 दिनों बाद सकुशल बरामदगी ने पूरे राज्य में राहत की लहर दौड़ाई, लेकिन मामला अब राजनीतिक विवाद में उलझ गया है। पुलिस ने रामगढ़ जिले के चितरपुर क्षेत्र से बच्चों को बरामद कर एक दंपति को गिरफ्तार किया, जिसे बच्चा तस्करी गिरोह से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुलिस की सराहना की और अपहरणकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी मेहनत तो दिखाई, लेकिन असली हीरो बजरंग दल के कार्यकर्ता सचिन प्रजापति, डब्लू साहू और सन्नी हैं, जिन्होंने बच्चों को ढूंढ निकाला। मरांडी ने कहा, “पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन इन युवाओं का नाम तक नहीं लिया। उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए।” उन्होंने पुलिस की शुरुआती सुस्ती पर भी सवाल उठाए।
इस पर झारखंड कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया। प्रदेश कांग्रेस महासचिव राकेश सिन्हा ने कहा, “बाबूलाल मरांडी अभी तक खुमारी में हैं। प्रशासन को बदनाम करना उनकी आदत है। बच्चों की बरामदगी रांची पुलिस की सक्रियता, तत्परता और संजीदगी का परिणाम है।” कांग्रेस ने सामाजिक संगठनों और मीडिया को भी बधाई दी, जिन्होंने सहयोग किया।
यह घटना झारखंड में सत्ता-विपक्ष के बीच श्रेय की खींचतान को उजागर करती है। परिवार में खुशी है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी ने मामले को विवादास्पद बना दिया। पुलिस जांच जारी है, ताकि अपहरण के पीछे का पूरा गिरोह पकड़ा जा सके।